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लखनउ

निपटने के लिए बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) ने राष्ट्रीय अधिवेशन के तुरंत बाद ही यूपी के नेताओं के साथ अलग से गोपनीय बैठक की और अपनी रणनीति से अवगत कराया। 

उन्होंने साफ संदेश कि इस गठबंधन से कतई विचलित नहीं होना है और जमीनी कार्यकर्ताओं तक यह बात मजबूती से पहुंचानी है। खास बात यह अब भाजपा अखिलेश यादव व मायावती के मूल वोट बैंक से इतर पिछड़ी व दलित जातियों को लुभाने की खास कोशिश करेगी।

अमित शाह ने कहा कि वे सपा-बसपा गठबंधन से बिना विचलित हुए अपने कार्यक्रमों और अभियानों को मजबूती से चलाएं। उन्होंने कहा कि मत प्रतिशत को 50 फीसदी तक ले जाने के लिए यह जरूरी है कि पार्टी कार्यकर्ता लोकसभा चुनाव के मतदान वाले दिन अपने सभी वोटरों को सुबह तीन घंटे के अंदर 10 बजे तक वोट डलवाएं।

सपा-बसपा के गठबंधन से निपटने के लिए यह गुरूमंत्र अमित शाह ने राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद प्रदेश में सभी लोकसभा सीटों के 80 विस्तारकों की बैठक में दिए। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा.महेन्द्र नाथ पाण्डेय और सभी महामंत्री मौजूद थे। यह गोपनीय बैठक रामलीला मैदान के पीछे स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेन्टर में हुई।

बैठक में तय हुआ पार्टी मेरा परिवार भाजपा परिवार, लाभार्थी संपर्क, कमल ज्योति और बाइक रैली समेत कई अन्य कार्यक्रमों व अभियानों के जरिए भाजपा एक-एक मतदाता को इस कदर लुभाने की कोशिश करेगी कि मतदान के दिन उसे भाजपा का चुनाव चिन्ह ‘कमल' और उसका प्रत्याशी ही नजर आए।