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नई दिल्ली। प्लास्टिक से निजात दिलाने और पर्यावरण को अनुकूल बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे ने 400 स्टेशनों पर चाय और लस्सी को मिट्टी के कुल्हड़ों में देने का निर्णय किया है। यहाँ यह बात उलेखनीय है कि दो दिन पहले भी रेलवे ने पीने के पानी की बोतलों को स्क्रैप करने के लिए मोबाइल रिचार्ज की सुविधा देने की बात की थी। इसके लिए खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) से बातचीत की गई है। इस कदम से जहां एक तरफ स्थानीय और पर्यावरण अनुकूल उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, प्लास्टिक के उपयोग पर अंकुश लगेगा वहीं दूसरी तरफ कुम्हारों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। केवीआईसी के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना ने पीटीआई -भाषा से कहा कि रेलवे की इस पहल से उत्साहित आयोग कुम्हारों के बीच 30,000 इलेक्ट्रिक चाक का वितरण करने का फैसला किया है। साथ ही मिट्टी के बने सामानों को पुनर्चक्रमण और नष्ट करने के लिये मशीन (ग्राइंडिंग मशीन) भी उपलब्ध कराएगा। मालूम हो कल प्रधानमंत्री मोदी ने मथुरा में कहा था कि प्लास्टिक के इस्तेमाल को 2 अक्टूबर शून्य पर ला खड़ा कर दिया जाए।