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अलीगढ़। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 व धारा 35 ए हटाए जाने के विरोध में गुरुवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में कश्मीरी छात्रों ने भारत विरोधी मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। कश्मीरियों ने कहा कि, केंद्र सरकार ने जिस तरह से कार्य किया, वह गलत है। वहां के हालात बहुत खराब हैं, इस समय हमारी अपनों से बात नहीं हो पा रही है। डेमोक्रेसी में हर किसी को आजादी के साथ रहने का हक है, लेकिन इस सरकार ने आजादी पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। हम चाहते हैं कि इंटरनेशनल लेवल पर यह मुद्दा उठना चाहिए, जिससे यह बात सामने आए कि, अनुच्छेद 370 व 35 ए क्यों हटाया गया? वहीं, एएमयू के प्रवक्ता प्रोफेसर शाफे किदवई ने बताया कि कश्मीरी छात्रों ने बिना सूचना के विरोध मार्च निकाला था, जो नियम के खिलाफ है। नोटिस देकर आगे की कार्रवाई होगी। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों को प्रदर्शन को बताया नियमों के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 1100 छात्र-छात्राएं कश्मीरी हैं। लेकिन वर्तमान में यहां 500 के आसपास ही हैं। बाकी घर से नहीं लौटे। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के एक माह पूरे पर गुरुवार को अचानक कश्मीरी छात्र हाथों में पोस्टर लेकर सड़क पर उतर आए। यहां भड़काऊ तकरीर की गई। छात्रों ने कहा कि, कश्मीरी में लोकतंत्र व धर्मनिरपेक्षता का कत्ल किया जा रहा है। आजादी का जो ख्वाब देखा है, इंशाअल्लाह उसे हम पूरा करेंगे, तब जाकर दम लेंगे। छात्रों ने कहा कि, सरकार द्वारा वहां का कम्युनिकेशन पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया है। अगर वहां के हालात सामान्य होते तो सरकार कम्युनिकेशन ब्लॉक नहीं करती। हमको नहीं पता है कि हमारे परिवार के लोग किस हालात में हैं? कैसे रह रहे हैं? हमारी अगर बात होती है तो पीसीओ के माध्यम से बात होती है। बाकी अन्य सेवाएं बंद है। कश्मीर का मसला वैसा ही है, जैसा 70 साल पहले था। जवाहर लाल नेहरू ने वादा किया था कि कश्मीरी अपना फैसला स्वयं करेंगे, ये पूरा किया जाए। कश्मीरी छात्रों द्वारा निकाले गए विरोध मार्च पर बरौली से भाजपा विधायक ठाकुर दलवीर सिंह ने सवाल उठाए हैं। दलबीर सिंह ने कहा है कि कश्मीरी छात्रों ने विश्वविद्यालय के नियमों का तो उल्लंघन किया ही कोर्ट के आदेश का भी उल्लंघन किया है। जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद पूरे देश के लोगों को कश्मीरियों से हमदर्दी है। उनकी पूरा देश सहायता और सहयोग देने का कार्य कर रहा है। इसके बावजूद इनके द्वारा जो कृत्य किया गया है वह निंदनीय है और कोर्ट की अवमानना है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को जिन छात्रों द्वारा धारा 370 को लेकर जो प्रोटेस्ट निकाला गया है। उन छात्रों के नाम खोज कर थाना सिविल लाइन पुलिस को देने चाहिए और उनके खिलाफ संज्ञेय धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए। विश्वविद्यालय को छात्रों को भविष्य में ऐसा न करने के लिए हिदायत देनी चाहिए। विधानसभा चलने के दौरान मेरे द्वारा कई बार विश्वविद्यालय से संबंधित प्रश्न उठाए गए हैं। अगर जरूरत पड़ी तो आगे में इस प्रश्न को भी उठाने के लिए तैयार रहूंगा। इस बात की शिकायत मुख्यमंत्री जी से करूंगा।