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नई दिल्ली। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अक्षय कुमार के इंटरव्यू के बाद तमाम तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इस इंटरव्यू को भी चुनावी प्रचार बता रहे हैं तो कुछ पीएम मोदी के हर सवाल का जवाब इतनी बेबाकी से देने पर उन्हें ‘हीरो’ बता रहे हैं। बहरहाल... ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सएप से लेकर हर जगह अक्षय और मोदी के इंटरव्यू की ही चर्चा हो रही है। ऐसे में सवाल ये भी उठ रहा है कि क्यों बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार को ही पीएम मोदी का इंटरव्यू लेने के लिए चुना गया। ये इंटरव्यू गैर राजनीतिक था...अगर पत्रकार की जगह किसी सेलिब्रिटी को ही इंटरव्यू लेना था तो अक्षय कुमार ही क्यों? बॉलीवुड इंटस्ट्री में और भी ऐसे कई चेहरें हैं लेकिन इन सबके बीच अक्षय को ही चुना गया। लोगों का मानना है कि इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं :
अक्षय ने की थी PM मोदी की तारीफ : अक्षय कुमार भारतीय जनता पार्टी के समर्थक हैं ये बात सभी जानते हैं। अक्षय कई मौकों पर बीजेपी की तारीफ कर चुके हैं। जैसे, साल 2018 में जब इस बात का ऐलान हुआ था कि जिन सिनेमा घरों के टिकटों की कीमत 100 रुपए से अधिक है उन पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) की दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दी गई है। सरकार की तरफ से हुए इस ऐलान के बाद बाद अक्षय ने ट्वीट पर पीएम के इस कदम की सराहना की थी। अक्षय ने ट्वीट कर कहा था, तुरंत एक्शन... हमारी मुलाकात के कुछ दिन बाद ही माननीय प्रधानमंत्री मोदी ने हमारी चिंताओं को समझा और सरकार ने हमारी चिंताओं का समाधान कर दिया। सिनेमा टिकटों पर जीएसटी घट गया गया। उद्योग और दर्शकों के लिए ये एक अच्छा कदम है।
राष्ट्रवादी फिल्मों की तरफ अक्षय का झुकाव : जिस तरह से पीएम मोदी राष्ट्रवाद और देशभक्ति की भावना को सबसे ऊपर रखते हैं। ऐसे ही अक्षय कुमार भी राष्ट्रवाद को लेकर सजग रहते हैं और ये बात उनकी कई फिल्मों में देखी जा सकती है। बॉलीवुड में ‘खिलाड़ी कुमार’ के नाम से जाने वाले अक्षय कुमार का झुकाव साल 2010 के बाद से राष्ट्रवादी फिल्मों और मोटीवेटेड फिल्मों की तरफ हो गया। अक्षय ने 2010 के बाद ऐसी कई फिल्में कीं जो या तो कोई मैसेज देती हैं या देशभक्ती से जुड़ी हैं। जैसे, हॉलीडे (2014), बेबी (2015), एयरलिफ्ट (2016) टॉयलेट एक प्रेम कथा(2017), रुस्तम (2016), पैड मैन (2018) और हाल ही में रिलीज हुई फिल्म केसरी  (2019)।
फिल्म में उठाया था ‘टॉयेलट’ और स्वच्छता का मुद्दा : मोदी सरकार जब से सत्ता में आई है तब से ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को लेकर कितनी जागरुक है ये बात पूरा देश जानता है। इस अभियान के तहत सरकार ने जगह-जगह टॉयलेट बनवाए ताकी लोग खुले में शौच ना जाएं। पीएम मोदी ने कई बार लोगों को शौचालय का इस्तेमाल करने की नसीहत दी है। अक्षय की फिल्म ‘टॉयेलट एक प्रेम कथा’  में भी इसी मुद्दे को उठाया गया था। ये फिल्म ऐसे ही विषय पर बनी थी जिसमें भूमि पेडनेकर घर में शौचालय ना होने की वजह से घर छोड़कर चली जाती हैं और फिर शौचालय बनवाने के लिए अक्षय और भूमि एक लंबी लड़ाई लड़ते हैं। इस फिल्म में टॉयलेट स्कैम का जिक्र करते हुए एक सीन पर राजेश शर्मा को बोलते हुए दिखाया गया था कि अगर पीएम देश की भलाई के लिए नोटबंदी कर सकते हैं तो हम एक दिन के लिए टॉयलेट क्यों नहीं बंद कर सकते? फिल्म रिलीज के बाद इसे चुनावी प्रचार तक बता दिया गया था। पीएम मोदी ने आज के इंटरव्यू में भी इस फिल्म का जिक्र किया है।
अक्षय करते रहे हैं सामाजिक मुद्दों पर बात : पीएम मोदी स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर हमेशा से गंभीर रहे हैं। इसको लेकर मोदी सरकार ने कई स्वास्थ योजनाएं भी शुरू की हैं। ऐसे ही अक्षय कुमार के विज्ञापनों में भी स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर गंभीरता दिखती है। वो ना सिर्फ फिल्मों में बल्कि विज्ञापनों के जरिए भी सामाजिक मुद्दों को उठाते हैं। जैसे, महिलाओं की महावारी  को लेकर पैड का विज्ञापन और लोगों को रोड सेफ्टी के लिए जागरुक करने वाला विज्ञापन। आपने अक्षय कुमार का वो ऐड तो जरूर देखा होगा जिसमें अक्षय कुमार एक सिगरेट पीते हुए आदमी को ऐसा ना करने की सलाह देते हैं और उन पैसों से अपनी पत्नी के लिए पैड खरीदने की बात करते हैं ताकी उसकी पत्नी को किसी भी प्रकारी परेशानी ना हो। वैसे आपको बता दें कि हाल ही में ये खबर भी आई थी अक्षय कुमार बीजेपी ज्वाइन कर सकते हैं लेकिन बाद में अक्षय ने ट्वीट कर ये साफ कर दिया था कि जो भी अनुमान लगाए जा रहे हैं वो हवा में हैंl वो चुनाव लड़ने नहीं जा रहे हैं।