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लखनऊ भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने अपनी नई पार्टी बनाने की घोषणा कर दी है. चंद्रशेखर की नई पार्टी का औपचारिक ऐलान होली के बाद 15 मार्च को होगा. चंद्रशेखर की नई पार्टी के ऐलान के साथ ही बहुजन समाज पार्टी में हलचल बढ़ गई है. बताया जा रहा है कि चंद्रशेखर की नई पार्टी में बसपा के कई पूर्व एमएलसी और लोकसभा प्रत्याशी शामिल हो सकते हैं. नई पार्टी के गठन के सिलसिले में रविवार को चंद्रशेखर लखनऊ पहुंचे थे. डालीबाग के वीआईपी गेस्ट हाउस में चंद्रशेखर से कई लोगों ने मुलाकात की. इसमें बहुजन समाज पार्टी के कई पूर्व नेता शामिल थे. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान कई पूर्व एमएलसी और लोकसभा के प्रत्याशी रहे नेताओं ने चंद्रशेखर से मुलाकात की. इतना ही नहीं भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने कई नेताओं को पार्टी की सदस्यता भी दिलाई. बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामलखन चौरसिया, पूर्व बीएसपी नेता इजहारुल हक और अशोक चौधरी ने भीम आर्मी की सदस्यता ग्रहण की. 'राजनीति महत्वाकांक्षा नहीं बल्कि मजबूरी' भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर का कहना है कि राजनीति उनकी महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि मजबूरी है. उन्होंने बताया कि पार्टी अपने मौजूदा स्वरूप में संगठन के समानांतर काम करती रहेगी. भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर ने कहा कि वह दिसंबर में एक राजनीतिक दल के गठन की घोषणा करना चाहते थे, लेकिन CAA लागू होने के कारण यह काम रुक गया. उन्होंने कहा कि सीएए के खिलाफ लड़ना चुनाव लड़ने से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया था. भीम आर्मी चीफ ने बटोरी सुर्खियां पिछले कुछ महीनों में भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर ने अपने भाषणों और गिरफ्तारियों के लिए मीडिया में काफी सुर्खियां बटोरीं. वह दिल्ली में CAA के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान 'पोस्टर-बॉय' बनते दिखे. 37 साल के चंद्रशेखर का कहना है कि उनके पास कुछ बड़े प्लान हैं. तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा होने के लगभग एक हफ्ते बाद चंद्रशेखर को 26 जनवरी को हैदराबाद में हिरासत में लिया गया था. वह वहां सीएए के मुद्दे पर छात्रों को संबोधित करने वाले थे. इसके बाद 29 जनवरी को उन्हें बेंगलुरु के एक कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेना था लेकिन इसको भी रद्द करना पड़ा