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अयोध्या/नई दिल्ली 
अयोध्या में राम मंदिर कब और कैसे बनेगा इसपर पहली बैठक आज होने जा रही है। यह मीटिंग सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार द्वारा गठित राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की होगी। इसमें मंदिर निर्माण शुरू करने के मुहूर्त समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी। सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के कई सदस्य सरयू तट तक राम कॉम्प्लेक्स बनाने के पक्ष में हैं। बैठक में इसके लिए और जमीन लेने पर भी चर्चा होगी। 

जनता से पैसा लेंगे या नहीं? इसपर चर्चा 
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक दिल्ली में ग्रेटर कैलाश-1 स्थित कार्यालय में बुलाई गई है। इस दौरान आम जनता से धन का सहयोग लेने जैसे मुद्दों पर भी फैसला लिया जा सकता है, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो। ट्रस्ट इस पर भी विचार करेगा कि निर्माण कार्य के दौरान रामलला की मूर्ति कहां रखी जाए। बैठक में अयोध्या के मास्टर प्लान पर भी चर्चा होगी। 
इस मीटिंग के लिए ट्रस्ट के तीन सदस्य महंत दिनेंद्र दास, राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र और डॉ. अनिल मिश्र मंगलवार को अयोध्या से रवाना हो गए थे। ट्रस्ट के सदस्यों से निमंत्रण मिलने पर राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास भी दिल्ली रवाना हुए। नृत्य गोपाल दास के अलावा वीएचपी के चंपत राय भी बैठक में शामिल होंगे। 

2 अप्रैल से मंदिर निर्माण शुरू होगा? 
इस बात की संभावना प्रबल है कि राम नवमी यानी 2 अप्रैल से मंदिर निर्माण शुरू करने की तारीख का ऐलान हो सकता है। महंत नृत्य गोपाल दास को ट्रस्ट में शामिल करने को लेकर भी बैठक में फैसला हो सकता है। केंद्र की मोदी सरकार ने इसी महीने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों का ऐलान किया था। 15 सदस्यीय ट्र्स्ट में अभी के परासरन समेत 9 सदस्य हैं। 
भूमि पूजन 25 मार्च से 8 अप्रैल के बीच 
ट्रस्ट सबसे पहले मंदिर निर्माण की तारीख तय करेगा। भूमि पूजन 25 मार्च से 8 अप्रैल के बीच हो जाएगा, लेकिन निर्माण कार्य शुरू करने में अभी वक्त लगेगा। ट्रस्ट मंदिर निर्माण स्थल की मिट्टी की जांच करवाने के लिए भूगर्भ शास्त्रियों और वास्तु शास्त्रियों से राय ले रहा है। मंदिर निर्माण का जिम्मा किस कंपनी को सौंपा जाए, इस मुद्दे पर भी बैठक में फैसला लिया जाएगा। मंदिर को भव्य बनाने पर भी विचार होगा। दावा है कि ट्रस्ट अब चाहता है कि मंदिर भव्य बने और मॉडल को बदलना भी ना पड़े। हालांकि, ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल का कहना है कि इतने सारे कामों को एक बैठक में तय नहीं किया जा सकता।