खेल

रसेल के खिलाफ गेम प्लान पर चहल बोले- यह आईपीएल नहीं, इसलिए दवाब विंडीज पर होगा

मैनचेस्टर। वर्ल्ड कप में अपने छह में से चार मैच हार चुकी वेस्टइंडीज के लिए भारत के खिलाफ 27 जून को मुकाबला आसान नहीं होगा। टीम इंडिया के स्पिनर युजवेंद्र चहल ने कहा कि आईपीएल में विंडीज टीम के खिलाड़ी काफी चौंकाने वाला खेल दिखाते हैं, लेकिन वर्ल्ड कप में स्थिति अलग होेगी। भारत के खिलाफ उन्हें दबाव का सामना करना पड़ेगा। विंडीज के खिलाफ पूरी तैयारी से उतरेंगे: चहल मैनचेस्टर में रविवार को पत्रकारों ने चहल से पूछा कि आंद्रे रसेल समेत विंडीज के विस्फोटक बल्लेबाजों के लिए टीम क्या करेगी? उन्होंने कहा, “हमारे पास विंडीज के लिए प्लान होगा। रसेल एक बिग हिटर हैं, लेकिन हमने उन्हें काफी गेंदबाजी की है। हम तैयार रहेंगे।” चहल ने कहा कि देश के लिए खेलना आईपीएल खेलने से काफी अलग होता है। मैच जीतने का दबाव जितना उन पर होगा उतना ही हम पर भी। ऐसा लगता है कि वे जीतने के लिए बेकरार हैं। साथ ही उन्हें अपनी फॉर्म भी वापस चाहिए। इसलिए मैच में दोनों टीमों के लिए स्थितियां अलग होंगी। रसेल के लिए गेम प्लान पर बात करते हुए चहल ने कहा कि अगर वे चार खिलाड़ियों के आउट होने के बाद बैटिंग के लिए आते हैं तो पहले वे खुद को सेटल करना चाहेंगे। हम भी मैच की स्थिति के मुताबिक अपनी योजनाएं बदलेंगे। रसेल की मांसपेशियों में खिंचाव वेस्टइंडीज के धुंआधार बल्लेबाज रसेल इस वर्ल्ड कप में मांसपेशियों के खिंचाव की परेशानी से जूझ रहे हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछला मैच भी नहीं खेला। 27 जून को भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले में रसेल फिर टीम में शामिल किए जा सकते हैं। हालांकि, उनका फॉर्म में न होना विंडीज के लिए चिंता की बात है।
Read More

अफगानिस्तान के कप्तान नइब की बांग्लादेश को चेतावनी- हम तो डूबे हैं सनम

लंदन। भारत के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन के बाद आत्मविश्वास से लबरेज अफगानिस्तान के कप्तान गुलबदीन नइब ने रविवार को बांग्लादेश को चेतावनी दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब नइब से बांग्लादेश से सोमवार को होने वाले मैच के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “हम तो डूबे हैं सनम, तुमको लेकर डूबेंगे।” उनके इस जवाब पर सोशल मीडिया में हलचल मच गई। कई लोगों ने अफगानिस्तान की मजबूती की तारीफ करते हुए कहा कि यह टीम किसी का भी खेल बिगाड़ देगी। नइब ने आगे कहा, “हम बांग्लादेश के खिलाफ मैच को आसान नहीं मान सकते। वह एक बेहतरीन टीम है और वर्ल्ड कप में उन्होंने खुद को साबित किया है। लेकिन एक बात मेरी टीम के बारे में भी तय है कि हम भी आसान नहीं। पहले चार-पांच मैचों में हमने खराब प्रदर्शन किया। लेकिन हम हर दिन सुधार कर रहे हैं। शायद बांग्लादेश के खिलाफ हमारा दिन होगा।” बांग्लादेश के खिलाफ साउथैम्पटन में मुकाबला अफगानिस्तान का मुकाबला सोमवार को बांग्लादेश से होना है, जिसने छह में से दो मैचों में जीत हासिल की है। खास बात यह है कि अफगान टीम बांग्लादेश के खिलाफ उसी साउथैम्पटन के रोज बाउल मैदान पर ही खेलेगी। यहां पिछले मैच मेंउसने भारत को मुश्किल में डाल दिया था। पिच पर नइब ने कहा, यह हमारे लिए काफी अच्छा विकेट है। यहां स्थिति काफी कुछ एशिया जैसी ही हैं, जहां गेंद टर्न होती है। पिछली बार हमारी बल्लेबाजी भी ठीक रही। यानी अगर विकेट एक बार फिर स्पिनरों की मदद करता है तो मैच बांग्लादेश के लिए ही नहीं किसी भी टीम के लिए मुश्किल होगा।
Read More

पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी बेकर कर्ज चुकाने के लिए 82 वस्तुएं नीलाम करेंगे

लंदन। पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी बोरिस बेकर (51) की ट्रॉफी, घड़ियां और फोटोग्राफ समेत 82 वस्तुओं की ऑनलाइन नीलामी सोमवार से शुरू होगी। ब्रिटिश फर्म वेल्स हार्डी की वेबसाइट पर 11 जुलाई तक नीलामी चलेगी। बेकर कर्ज चुकाने के लिए अपनी वस्तुएं नीलाम कर रहे हैं। 2017 में उन्हें दिवालिया घोषित कर दिया गया था। बेकर विंबलडन टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे युवा विजेता हैं। उन्होंने 17 साल की उम्र में पहली बार यह खिताब जीता था। नीलामी से मिलने वाली रकम कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त नहीं होगी बेकर की जो वस्तुएं नीलाम होंगी उनमें चैलेंज कप की रेप्लिका शामिल है जो उन्हें एक विंबलडन खिताब जीतने के बाद मिली थी। रेनशॉ कप की रेप्लिका भी नीलामी में शामिल है। ससबे कम उम्र में ग्रैंड स्लैम सिंगल का खिताब जीतने पर बेकर को वह रेप्लिका मिली थी। बेकर की वस्तुओं की नीलामी से कितनी रकम मिल सकती है। यह अंदाजा नहीं लगाया जा सकाहै। नीलामी प्रक्रिया से जुड़े लोगों का कहना है कि नीलामी से मिलने वाली रकम कर्ज की तुलना में पर्याप्त नहीं होगी। बेकर पर 5.4 करोड़ पाउंड (475 करोड़ रुपए) का कर्ज है। 6 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता बेकर 'बूम-बूम बेकर' के नाम से भी मशहूर हुए थे। उन्होंने करियर के दौरान 49 खिताब और 2 करोड़ यूरो (158 करोड़ रुपए) की इनामी राशि जीती थी। फिलहाल वे टेनिस टूर्नामेंट की कमेंट्री जैसी गतिविधियों से जुड़े हुए हैं
Read More

कोहली पर मैच फीस का 25% जुर्माना, अफगानिस्तान के खिलाफ अनावश्यक अपील की थी

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) नेविराट कोहली को आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया है। शनिवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में अनावश्यक अपील करने के लिएकोहली पर मैच फीस का 25% जुर्माना लगाया गया। कोहली आईसीसी की धारा 2.1 के तहतदोषी पाए गए हैं।मुकाबले में भारत ने अफगानिस्तान को 11 रन से हराया था। अफगानिस्तान की पारी के 29वें ओवर में जसप्रीत बुमराह की गेंद बल्लेबाज रहमत के पैर पर लगी थी। इस दौरान विराट ने अंपायर अलीम डार के पास जाकर आक्रामक तरीके से एलबीडब्ल्यू की अपील की थी। विराट ने मैच रैफरी क्रिस ब्रॉड के सामने गलती मान ली है, इसलिए मामले में सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। धारा 2.1 के उल्लंघन पर मैच फीस का 50% तक जुर्माने का प्रावधानहै। साथ ही खिलाड़ी को एक डिमैरिट पॉइंट भी दिया जाता है। कोहली को मिला डिमैरिट पॉइंट फील्ड अंपायर अलीम डार, रिचर्ड इलिंगवर्थ, थर्ड अंपायर रिचर्ड कैटलबरो और फोर्थ अंपायर माइकल गॉफ ने कोहली को दोषी पाते हुए जुर्माना लगाया। रैफरी ने कोहली को एक डिमैरिट पॉइंट भी दिया है। अब कोहली के पास दो डिमैरिट पॉइंट हो गए हैं। उन्हें पिछले साल 15 जनवरी को दक्षिणअफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच में भी एक पॉइंट मिल चुका है। क्या है डिमैरिट पॉइंट? किसी खिलाड़ी के पास 24 महीने के अंदर चार या इससे ज्यादा डिमैरिट पॉइंट होते हैं, तो उस पर एक प्रतिबंध पॉइंट हो जाता है। अगर खिलाड़ी पर दो प्रतिबंध पॉइंट हो जाते हैं, तो उस पर एक टेस्ट या दो वनडे या दो टी-20 मैच (जो पहले हों) का प्रतिबंध लगाया जाता है।
Read More

'मैंने शमी से कहा था कि तुम्हारा टाइम आएगा, बस तुम तैयार रहो'

नई दिल्ली । अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में जीत के हीरो रहे मोहम्मद शमी की चौतरफा तारीफ हो रही है। इसी कड़ी में मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का नाम भी जुड़ चुका है। सचिन शमी की गेंदबाजी से प्रभावित दिखे और कहा कि मैंने शमी को कहा था कि तुम्हारा समय आएगा, बस तुम तैयार रहो। आपको बता दें कि शमी ने अफगानिस्तान के खिलाफ आखिरी ओवर में शानदार हैट्रिक लेने के साथ-साथ चार विकेट चटकाए, जिसकी बदौलत भारतीय टीम मैच जीतने में कामयाब रही। सचिन ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा, 'मैंने शमी से कहा था कि तुम्हारा समय ज्यादा दूर नहीं है और तुम्हें मौका जल्दी मिलेगा। मैं नहीं चाहता था कि भुवी (भुवनेश्वर कुमार) घायल हो जाए, लेकिन मैंने उससे कहा था कि तुम बस तैयार रहो। दुर्भाग्य से भुवनेश्वर के चोट लग गई, जिस कारण शमी को मैदान पर उतरने का मौका मिला। शमी ने अच्छी गेंदबाजी की और पहली गेंद से वो 90 मील प्रति घंटे की स्पीड से गेंदबाजी कर रहे थे।' विश्व कप 2019 में भारत के पहले 4 मैचों में शमी को खेलने का मौका नहीं मिला था क्योंकि टीम मैनेजमेंट ने उनसे ऊपर भुवनेश्वर कुमार को तरजीह दी थी। लेकिन, अब भुवी के चोटिल हो जाने के बाद उन्हें जब मौका मिला, तो उन्होंने उस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया। शमी ने अफगानिस्तान के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 40 रन देकर 4 विकेट चटकाए, इसमें से तीन विकेट तो उन्होंने आखिरी ओवर में लेकर अपनी हैट्रिक पूरी की और टीम इंडिया को उलटफेर का शिकार होने से बचा लिया। शमी विश्व कप में हैट्रिक लेने वाले दूसरे गेंदबाज बन गए हैं और कुल मिलाकर वो 10वें गेंदबाज हैं जिन्होंने विश्व कप के बड़े मंच पर हैट्रिक पूरी की है। अब भारतीय टीम की अगली भिड़ंत वेस्टइंडीज से होनी है। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला 27 जून को खेला जाना है।
Read More

हैट्रिक का गुरुमंत्र धोनी ने दिया था शमी को

साउथैम्टन। एक बार जब महेंद्र सिंह धोनी ने यॉर्कर फेंकने को कहा तो शनिवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले की हैटट्रिक बॉल को लेकर मोहम्मद शमी के मन में कोई दुविधा नहीं रही। शमी वर्ल्ड कप में हैटट्रिक लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज बन गए। इससे पहले चेतन शर्मा ने 1987 में न्यू जीलैंड के खिलाफ नागपुर में तिकड़ी ली थी। यह विश्व कप में 10वीं हैटट्रिक थी। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 224 रन बनाए जवाब में अफगानिस्तान की टीम 213 रनों पर ऑल आउट हो गई। मैच में 40 रन देकर चार विकेट लेने वाले शमी ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, 'मेरा प्लान सिंपल था। मैं यॉर्कर फेंकना चाहता था। यहां तक कि इसके बाद माही भाई ने भी मुझे यही करने को कहा। उन्होंने कहा, 'अब कुछ बदलने की जरूरत नहीं है क्योंकि अब तुम्हारे पास हैटट्रिक लेने का शानदार मौका है। यह एक दुर्लभ अवसर है, तुम्हें यही करने की जरूरत है। तो मैंने वही किया जो मुझे करने को कहा गया।' भुवनेश्वर कुमार की चोट के कारण शमी को अंतिम एकादश में मौका मिला और बंगाल के इस तेज गेंदबाज ने इसे खूब भुनाया। उन्होने कहा, 'मुझे किस्मत से अंतिम 11 में मौका मिला। मुझे जब भी मौका मिलता मैं उसके लिए तैयार था। मुझे इसका फायदा उठाना ही था। जहां तक हैटट्रिक की बात है तो यह किस्मत की बात है, खास तौर पर वर्ल्ड कप में। मैं हैटट्रिक लेकर काफी खुश हूं।' शमी ने कहा कि आखिरी ओवर में सोचने के लिए ज्यादा वक्त नहीं होता। मेरा लक्ष्य सिर्फ योजना का क्रियान्वयन करना था। उन्होंने कहा, 'आपके पास सोचने का ज्यादा वक्त नहीं होता। आपको अपने हुनर पर भरोसा करना होता है और विकल्प आपके पास नहीं होता। अगर आप ज्यादा वैरिएशन ट्राय करते हो तो रन बन सकते हैं। मैं बल्लेबाज के दिमाग को पढ़ने के बजाय अपने प्लान के हिसाब से काम करना चाहता था।' भारतीय तेज गेंदबाजों मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह को जल्द ही यह अहसास हो गया था कि अफगानिस्तान के खिलाफ शॉर्ट पिच गेंदबाजी कारगर साबित हो सकती है और उन्होंने इसका पूरा फायदा भी उठाया। इस पर शमी ने कहा, 'हम फुल लेंथ बोलिंग नहीं करना चाहते थे क्योंकि यह बैटपर अच्छी तरह आ रही थी। हमें पता था कि वे (अफगानिस्तान) शॉर्ट पिच बोलिंग के खिलाफ सहज नहीं होंगे। हमारी योजना साफ थी हम बाउंसर फेंकना चाहते थे।' ऑलराउंडर मोहम्मद नबी ने हाफ सेंचुरी बनाकर भारतीय खेमे में एक बार हलचल जरूर पैदा की। शमी ने कहा कि ऐसे वक्त पर जरूरी था कि उनकी टीम हौसला न हारे।
Read More

रोमांचक जीत के बाद विराट ने किया खुलासा, बताया कब लगा था उन्‍हें हार का डर

साउथैंप्‍टन। टीम इंडिया ने शनिवार को विश्‍व कप 2019 के रोमांचक मैच में अफगानिस्‍तान को 11 रन से मात देकर टूर्नामेंट में अपना अजेय क्रम बरकरार रखा। भारतीय टीम ने मौजूदा टूर्नामेंट में चौथी जीत दर्ज की, जो विश्‍व कप इतिहास में उसकी 50वीं जीत भी रही। टीम इंडिया की इस जीत से कप्‍तान विराट कोहली काफी खुश हैं। उन्‍होंने साथ ही स्‍वीकार भी किया कि एक समय ऐसा भी था जब टीम को अपनी क्षमता पर थोड़ा शक भी हुआ, लेकिन मोहम्‍मद शमी की हैट्रिक और बुमराह के शानदार स्‍पेल ने विराट ब्रिगेड को जीत दिला दी। बता दें कि टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्‍लेबाजी का फैसला किया और कप्‍तान विराट कोहली (67) के अर्धशतक की मदद से 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 224 रन बनाए। जवाब में अफगानिस्‍तान ने तगड़ी टक्‍कर दी, लेकिन अंतिम ओवर में लक्ष्‍य हासिल नहीं कर सकी और 49.5 ओवर में 213 रन पर ऑलआउट हुई। मैच के बाद भारतीय कप्‍तान कोहली ने कहा कि यह यादगार जीत है। उन्‍होंने कहा, 'यह जीत काफी अहम है। आपने टॉस जीता और फिर बल्‍लेबाजी चुनी। इसके बाद पाया कि विकेट धीमा हो गया है। आपको लगा कि 260 से 270 रन का स्‍कोर अच्‍छा होगा। एक समय ऐसा आया जब हमें अपनी क्षमता पर थोड़ा संदेह हुआ, लेकिन ड्रेसिंग रूम में हमें आत्‍मविश्‍वास था कि जरूर जीतेंगे।' विराट कोहली ने कहा कि उन्‍हें ऐहसास था कि पिच इस तरह की नहीं थी जहां बल्‍लेबाज आड़े बल्‍ले से शॉट जमाए और यही भारतीय बल्‍लेबाजों को नुकसान दे गया। उन्‍होंने कहा, 'जब मैं क्रीज पर पहुंचा तो पिच की गति को समझ गया। आड़े बल्‍ले से शॉट नहीं खेलने थे। कई बार आड़े बल्‍ले से शॉट खेलना हमें भारी पड़ा। आप विरोधी टीम से मैच दूर नहीं ले जा सकते। आपको गेंद को इधर-उधर भेजना होता है और फिर तीन गुणी स्पिनरों के सामने यह हमेशा मुश्किल होता है।' भारत ने मोहम्‍मद शमी की हैट्रिक और जसप्रीत बुमराह की शानदार गेंदबाजी के दम पर अफगानिस्‍तान को पटखनी दी। अफगानिस्‍तान के मोहम्‍मद नबी (52) ने उम्‍दा पारी खेलते हुए भारतीय टीम के होश उड़ाए रखे। शमी ने आखिरी ओवर में उन्‍हें आउट किया और फिर टीम इंडिया की जीत पर मुहर लगाई।
Read More

आज होगी भारत-अफगानिस्तान की टक्कर

साउथैंप्‍टन। भारतीय टीम विश्व कप में अपना नेट रन रेट बेहतर करने के लिए लगातार हार से त्रस्त अफगानिस्तान के खिलाफ शनिवार को यहां होने वाले मैच में बड़ी जीत हासिल करने की कोशिश करेगी। खिताब के प्रबल दावेदार भारत का अफगानिस्तान के खिलाफ मैच एकतरफा होने की संभावना लग रही है, जिसमें भारतीय बल्लेबाज मौका मिलने पर कुछ नए रिकॉर्ड स्थापित कर सकते हैं। इस मैच में बड़ी जीत से भारत की सेमीफाइनल की राह अधिक आसान हो जाएगी। अफगानिस्तान का विवादास्पद अभियान मैदान के अंदर और बाहर के गलत फैसलों के कारण बेहद खराब रहा है। अब उनका सामना स्टार क्रिकेटरों से सजी टीम से है जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। भारत ऐसी टीम रही जिसे शुरू में ही कड़े मुकाबलों का सामना करना पड़ा तथा दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान पर जीत के बाद अब विराट कोहली की टीम अजेय नजर आ रही है। सलामी बल्लेबाज शिखर धवन, तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और ऑलराउंडर विजय शंकर के चोटिल होने के बावजूद भारत ने दबदबा बनाए रखा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक जड़ने के बाद अंगूठे की चोट के कारण धवन का बाहर होना भारत के लिये बड़ा झटका था लेकिन केएल राहुल ने पाकिस्तान के खिलाफ शीर्ष क्रम में अच्छा प्रदर्शन करके उनकी खास कमी नहीं खलने दी। रोहित शर्मा अपनी शानदार फॉर्म में हैं और अगर भारत को पहले बल्लेबाजी का मौका मिलता है तो वह एक और दोहरा शतक जमाने की कोशिश करेंगे। अफगानिस्तान का आक्रमण अभी कमजोर नजर आ रहा है और उसका मुख्य गेंदबाज राशिद खान फॉर्म में नहीं हैं। कप्तान कोहली ने ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के खिलाफ आसानी से अर्धशतक जमाए हैं। शंकर की चोट टीम के लिये चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन युवा ऋषभ पंत के आने से टीम को नया आयाम मिला है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। अगर शंकर समय पर फिट नहीं होते हैं तो फिर पंत या दिनेश कार्तिक में से किसी एक को अंतिम एकादश में जगह मिल सकती है। हार्दिक पांड्या ने बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजे जाने का फायदा उठाया है जबकि महेंद्र सिंह धोनी विकेट के आगे और विकेट के पीछे हमेशा की तरह अव्वल साबित हुए हैं। इस मैच में कोहली को केदार जाधव को ऊपरी क्रम में भेजने का मौका मिल सकता है क्योंकि वही एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्हें अब तक तीन मैचों में खास बल्लेबाजी का अवसर नहीं मिला है। जाधव ने अब तक केवल आठ गेंदों का सामना किया है। भारतीय टीम प्रबंधन आगे के मैचों से पहले उन्हें पर्याप्त मैच अभ्यास देने की कोशिश करेगा। भारतीय गेंदबाजी भी प्रतियोगिता में सबसे संतुलित लग रही है लेकिन तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने कहा कि उनकी टीम अफगानिस्तान को कमजोर नहीं आंक रही है। बुमराह ने कहा, 'हम किसी टीम को हल्के से नहीं लेते। चाहे आस्ट्रेलिया हो या अफगानिस्तान, हम प्रत्येक टीम का बराबर सम्मान करते हैं। हम अपने मजबूत पक्षों पर ध्यान देते हैं और हमें अभी यही करना चाहिए।' भुवनेश्वर पाकिस्तान के खिलाफ 16 गेंदें करने के बाद मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मैदान से बाहर चले गये थे। भारत को इसका नुकसान नहीं हुआ क्योंकि विजय शंकर और पंड्या ने अच्छी गेंदबाजी की। अफगानिस्तान के खिलाफ मोहम्मद शमी को टूर्नामेंट में अपना पहला मैच खेलने का मौका मिल सकता है तथा उनकी तेजी और मूवमेंट हजरातुल्लाह जाजई, हशमुतुल्लाह शाहिदी और अशगर अफगान जैसे बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सकती है। अफगानिस्तान के अनुभवहीन बल्लेबाजों के लिये कुलदीप यादव या युजवेंद्र चहल का सामना करना भी आसान नहीं होगा। अफगानिस्तान हालांकि भारत को कड़ी चुनौती पेश करके अपना आत्मविश्वास बढ़ाने की कोशिश करेगा।
Read More

राशिद खान बोले- लोग दस अच्छे प्रदर्शन भूल जाते हैं और एक खराब प्रदर्शन याद रखते हैं

साउथम्पटन। अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान ने इंग्लैंड के खिलाफ विश्व कप मैच में अब तक के सबसे खराब गेंदबाजी प्रदर्शन करने के बारे में कहा, 'लोग दस अच्छे दिन भूल जाते हैं और एक बुरे दिन को आसानी से याद रखते हैं। आलोचना की हद यह रही कि आइसलैंड क्रिकेट ने भी मजाकिया ट्वीट किया। आइसलैंड अभी क्रिकेट में नौसिखिया है।' कई मैच विजेता प्रदर्शन करने के लिए प्रशंसा पाने वाले राशिद ने इंग्लैंड के खिलाफ नौ ओवर में 110 रन दिए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। यह दुनिया के शीर्ष स्पिनर के लिये नया अनुभव था। लोग अच्छे प्रदर्शन को भूल जाते हैं: राशिद खान राशिद ने भारत के खिलाफ मैच से पूर्व पीटीआई से साक्षात्कार में कहा, 'मैं इस मैच के बारे में बहुत अधिक नहीं सोच रहा हूं। लोग दस अच्छे दिन भूल जाते हैं और एक बुरे दिन को आसानी से याद रखते हैं। उन्हें वह याद करना अच्छा नहीं लगता जो राशिद ने पिछले दस दिन किया था।' राशिद अभी वनडे में विश्व में तीसरे नंबर के गेंदबाज जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज हैं। उन्होंने कहा, 'मैं उस मैच में की गई गलतियों पर ध्यान देकर आगामी मैचों में उनमें सुधार करने पर ध्यान दूंगा। आलोचना के बारे में सोचने का कोई फायदा नहीं। मुझे चीजों को आसान बनाये रखना होगा।' मैं सिर्फ अफगानिस्तान के लिए खेलता हूं:राशिद खान राशिद से पूछा गया कि क्या कप्तान गुलबदीन नईब के साथ उनके रिश्ते अच्छे नहीं हैं? क्योंकि उन्होंने कप्तानी में बदलाव पर नाराजगी जताई थी। इस पर उन्होंने कहा, 'मैं न तो गुलबदीन के लिए खेलता हूं और ना ही क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) के लिए, मैं अफगानिस्तान के लिए खेलता हूं।' राशिद और अफगानिस्तान के एक अन्य सुपरस्टार मोहम्मद नबी ने विश्व कप के लिए असगर अफगान की जगह गुलबदीन को कप्तान बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी जो कि देश के क्रिकेट बोर्ड को अच्छा नहीं लगा था। अफगानिस्तान को लगातार पांच मैचों में हार का सामना करना पड़ा जिससे साजिश जैसी बातें भी सामने आने लगी हैं और इनमें राशिद का गुलबदीन के साथ कड़वे रिश्ते भी शामिल हैं। इससे इस स्पिनर के प्रदर्शन पर भी असर पड़ा है और उन्होंने विश्व कप में अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन किया।' गुलबदीन के साथ मेरे रिश्ते खराब नहीं: राशिद खान राशिद ने भारत के खिलाफ मैच की पूर्व संध्या पर पीटीआई से कहा, 'गुलबदीन के साथ मेरे रिश्ते खराब नहीं हैं। मैं उसे भी उतना ही सहयोग देता हूं जैसे अशगर के कप्तान रहते हुए उसे देता था। अगर मैं अशगर को मैदान पर 50 प्रतिशत सहयोग देता था तो गुलबदीन के साथ मेरा 100 प्रतिशत सहयोग है। इंग्लैंड पहुंचने के बाद किसी ने भी इस मसले पर बात नहीं की। मुझे लगता है कि मीडिया में इसे बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया। हमारे कुछ खिलाड़ी पिछले 15-16 साल से साथ में खेल रहे हैं। इसलिए अगर एक दशक से भी अधिक समय कुछ नहीं बदला तो फिर एक या दो दिन में क्या बदल सकता है। मेरा और नबी का ट्वीट असगर के समर्थन में नहीं था। हमने अफगानिस्तान क्रिकेट की बेहतरी के लिए आवाज उठाई थी।'
Read More

सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन ने इंग्लैंड में फेंकी ऐसी गेंद, दुनिया कर रही है तारीफ

नई दिल्ली। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इन दिनों खूब चर्चा हो रही है। ये वीडियो है तो तीन दिन पुराना लेकिन सोशल मीडिया पर ये अब भी खूब पसंद और शेयर किया जा रहा है। एक तरफ जहां इंग्लैंड में आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के दौरान मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर पहली बार अपनी कमेंट्री से सबको दीवाना बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके बेटे MCC YC's की तरफ से खेलते हुए धूम मचा रहे हैं। अर्जुन तेंदुलकर ने इंग्लैंड में मौजूद क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर एक ऐसी गेंद फेंकी जिसने सबका दिल जीत लिया है। आए दिन अपनी गेंदबाजी से विरोधी बल्लेबाजों को परेशान करते हुए सुर्खियां बटोरने वाले इस बाएं हाथ के युवा तेज गेंदबाज के इस वीडियो में उन्होंने बल्लेबाज को पूरी तरह से हैरान कर दिया। ये है उस विकेट का वीडियो। अर्जुन तेंदुलकर एक अच्छे ऑलराउंडर हैं और भारतीय अंडर-19 टीम की तरफ से भी उन्होंने गैर-आधिकारिक मैच खेला है। जाहिर तौर पर दुनिया उनमें सचिन की छवि ढूंढने की कोशिश करती है और इसका दबाव उन पर हमेशा रहेगा लेकिन फिर भी अर्जुन की मेहनत लगातार जारी है।
Read More