खेल

कही विराट-रोहित का झगड़ा तो नही बना सेमी फाइनल में हार का कारण

लंदन। भारतीय क्रिकेट टीम के विश्व कप-2019 के सेमीफाइनल में हारकर बाहर होने के बाद से इस बात पर काफी चर्चा हो रही है कि क्या टीम कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा पर अत्यधिक निर्भर हैं। टूर्नामेंट में टीम का स्कोरकार्ड इस बात की पुष्टि करता है और भारतीय क्रिकट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) इसके साथ ही दोनों में कप्तानी के विभाजन पर भी चर्चा कर सकती है। आईएएनएस से बात करते हुए बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि आगामी सीरीज से पहले बोर्ड इस पर चर्चा करेगा कि क्या रोहित को वनडे टीम का कप्तान बनाया जाए और कोहली टेस्ट टीम की कप्तानी जारी रखें। अधिकारी ने कहा, 'रोहित के लिए 50 ओवर के प्रारूप में कप्तानी की बागडोर संभालने का यह सही समय होगा। वर्तमान कप्तान एवं प्रबंधन को अपार समर्थन प्राप्त है, अगले विश्व कप के लिए योजना बनाने का यह सही समय है और इसके लिए मौजूदा विचारों एवं योजनाओं को नए सिरे से देखने की जरूरत है। हम सभी जानते हैं कि कुछ क्षेत्रों को एक नए दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है। रोहित कप्तानी के लिए सही विकल्प होंगे।' हालांकि, अधिकारी के अनुसार, विश्व कप के बाद सबसे बड़ा मुद्दा कोहली और रोहित के बीच आई दरार से जुड़ी अफवाहों का है। प्रशासकों की समिति (सीओए) की मौजूदगी में कोच रवि शास्त्री, कोहली और मुख्य चयनकर्ता एम.एस.के प्रसाद के बीच होने वाली बैठक में इन सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। अधिकारी ने कहा, 'आप जानते हैं कि विनोद राय (सीओए प्रमुख) पहले ही उल्लेख कर चुके हैं कि एक बैठक होगी जिसमें टीम के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के दौरान इन अफवाहों की तह तक जाना जरूरी है।' जबकि राय ने दावा किया है कि बैठक के दौरान टीम के प्रदर्शन होगी की समीक्षा होगी, कई अन्य मुद्दे भी है जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। दो खेमों में बंटी टीम इंडिया भारतीय टीम के अंदर खिलाड़ियों के बीच दरार की खबरें उबरकर बाहर आने लगीं। एक हिंदी दैनिक में छपी रिपोर्ट के मुताबिक टीम के खिलाड़ी दो खेमों में बंट गए हैं। एक धड़ा कप्तान विराट कोहली के साथ है तो दूसरा उपकप्तान रोहित शर्मा के साथ। लेकिन इन दोनों खेमों के बीच अविश्वास का स्तर ज्यादा नहीं और ये अभी विरोध के लेवल पर नहीं पहुंचा है। रिपोर्ट के मुताबिक टीम में सिर्फ कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री की चलती है। टीम में खेलने का मौका केवल पसंद के खिलाड़ियों को मिलता है। रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों को प्रदर्शन के आधार पर टीम से बाहर नहीं किया जा सकता लेकिन इनके अलावा उन्हीं खिलाड़ियों को मौका दिया जाता हो जो विराट के खेमे के हैं। विराट-शास्त्री के जाने का खिलाड़ी कर रहे हैं इंतजार रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि खिलाड़ी विराट कोहली और रवि शास्त्री के रवैये से परेशान हैं और इस बात का इंतजार किया जा रहा है कि दोनों की छुट्टी कब होगी।
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सबसे ज्यादा रन बनाकर रोहित शर्मा ने जीता 'गोल्डन बैट'

लंदन। आईसीसी वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का सफर सेमीफाइनल के साथ ही खत्म हो गया था। न्यूजीलैंड ने बारिश की वजह से दो दिन तक चले इस सेमीफाइनल मुकाबले में भारत को 18 रनों से हराया था। इस तरह भारत का लॉर्डस में वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाने का सपना भी टूट गया। वर्ल्ड कप में भले ही भारत ना जीत पाया हो, लेकिन टीम इंडिया के उप्कप्तान रोहित शर्मा ने 'गोल्डन बैट' अपने नाम कर लिया है। भारतीय उपकप्तान ने 9 मैचों में 648 रन बनाए। जो रूट, जॉनी बेयरेस्टो और जेसन रॉय उनके पीछे चल रहे थे। केन विलियमसन भी रोहित शर्मा को पीछे नहीं छोड़ पाए। रविवार को लॉर्डस में हुए फाइनल में कीवी कप्तान ने 53 गेंदों पर 30 रन बनाए और 578 रनों के साथ टूर्नामेंट की समाप्ति की। तीन अन्य बल्लेबाजों के पास मौका था कि वे रोहित शर्मा को पीछे छोड़ सकें। जो रूट ने 30 गेंदों पर 7, जेसन रॉय ने 20 गेंदों पर 17 और जॉनी बेयरेस्टो ने 55 गेंदों पर 36 रन बनाए। जो रूट और केन विलियमसन को क्रमश 99 और 100र न की जरूरत थी, तब वे रोहित शर्मा को पीछे छोड़ पाते। ऑस्ट्रेलियन ओपनर डेविड वॉर्नर 647, बांग्लादेश के ऑल राउंडर शाकिब अल हसन 606 रन बनाकर क्रमशः दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे। इसके बाद विलियमसन, जो रूट, जॉनी बेयरेस्टो और एरोन फिंच 507 का नाम आता है। पाकिस्तान के बाबर आजम ने 474 रन और टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने 442 रन बनाए। लेकिन किसी एक विश्व कप में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अब भी सचिन तेंदुलकर (673) के नाम है, जो उन्होंने 2003 में बनाया था। इसके बाद मैथ्यू हेडन का नंबर आता है। उन्होंने 2007 में 659 रन बनाए थे। मिशेल स्टार्क ने जीती 'गोल्डन बॉल' ऑस्ट्रेलिया के पेसर मिशेल स्टार्क ने 27 विकेट लेकर 'गोल्डन बॉल' का अवार्ड जीता। उन्होंने केवल 10 मैचों में दो बार 4-4 और दो बार 5-5 विकेट भी लिए। उनके बाद इंग्लैंड के पेसर जोफ्रा आर्चर (20), बांग्लादेश के मुस्ताफिजुर रहमान (20), न्यूजीलैंड के लाकी फर्ग्यूसन (19), भारत के जसप्रीत बुमराह (18), इंग्लैंड के मार्क वुड (18), न्यूजीलैंड के ट्रेंट बोल्ट (17), पाकिस्तानी के मोहम्मद आमिर (17), शाहीन आफरीदी (16) और इंग्लैंड के क्रिस वोक्स (16) का नंबर आता है।
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हिमा दास का ट्रिपल धमाका, 11 दिन में जीता तीसरा गोल्ड

क्लांदो (चेक गणराज्य)। भारत की शीर्ष महिला धावक हिमा दास ने दो सप्ताह के भीतर तीसरा स्वर्ण पदक जीता है। हिमा ने यहां क्लांदो मेमोरियल एथलेटिक्स प्रतियोगिता में महिलाओं की 200 मीटर स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय धावक ने शनिवार को हुई इस रेस को 23.43 सेकेंड में पूरा किया और पहले पायदान पर रही। इस बीच, नेशनल रिकॉर्ड होल्डर मोहम्मद अनस ने भी 400 मीटर में सोना जीता। उन्होंने अपनी रेस 45.21 सेकेंड में पूरी की। हिमा ने दो जुलाई को साल की अपनी पहली प्रतिस्पर्धा 200 मीटर रेस में 23.65 सेकेंड का समय निकालर सोना जीता था। यह रेस पोलैंड में हुई पोजनान एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स के तहत हुई थी। इसके बाद, विश्व जूनियर चैंपियन और 400 मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्डधारक हिमा ने जुलाई आठ को पोलैंड में हुए कुंटो एथलेटिक्स टूर्नामेंट में 200 मीटर की रेस में 23.97 सेकेंड के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वर्ल्ड जूनियर चैम्पियन हिमा का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत समय 23.10 सेकेंड है, जो उन्होंने पिछले साल बनाया था। बता दें कि हिमा पिछले कुछ महीनों से पीठ दर्द से परेशान रही थी और इस दर्द के बाद उन्होंने फिर से दमदार वापसी की है। गौरतलब है कि हिमा दास का जन्म 9 जनवरी 2000 को असम राज्य के नागाव जिले के ढिंग में हुआ था। हिमा के पिता रोंजित दास किसानी करते हैं, जबकि माताजी जोमाली दास गृहिणी हैं। कुल 16 सदस्यों के घर में आर्थिक हालात शुरू से ही खराब रहे। बस किसी तरह खाने-पीने की व्यवस्था हो जाती है। परिवार में हिमा और उनके माता-पिता के अलावा 5 भाई और बहन हैं। हिमा ने अपनी शुरुआती पढाई गांव से ही की। खेलों में रुचि होने और पैसों की तंगी के चलते हिमा अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख सकीं। कोचिंग के लिए नहीं थे पैसे जब 2017 में हिमा गुवाहाटी में एक कैम्प में हिस्सा लेने आई थीं तब उनकी मुलाकात एक एथलेटिक्स के कोच से हुई। उन्होंने ही हिमा को एथलीट के गुर सिखाये। बेहतर कोचिंग के लिए गुवाहाटी भेजने के लिए हिमा के माता-पिता सक्षम नहीं थे, ऐसे में वहां हिमा के रहने खाने का खर्चा कोच ने उठाया।
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धोनी को बाद में भेजने का फैसला हम सब का था:शास्त्री

बर्मिंघम। आईसीसी विश्व कप 2019 के पहले सेमीफाइनल मैच में 10 जुलाई (बुधवार) को टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ 18 रन से हार का सामना करना पड़ा था। इस मैच के बाद से इस बात पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि महेंद्र सिंह धौनी को नंबर-7 पर बल्लेबाजी के लिए क्यों भेजा गया था। हेड कोच रवि शास्त्री ने अब इस पर चुप्पी तोड़ी है। पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों ने इस फैसले के लिए टीम मैनेजमेंट पर सवाल खड़े किए थे। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान शास्त्री ने कहा, 'ये टीम का फैसला था, इस फैसले में सभी लोग शामिल थे। यह बहुत सिंपल फैसला था, मैच में जो चीज आप बिल्कुल नहीं चाहते थे हो वो ये थे कि धौनी जल्दी बल्लेबाजी करने आएं और आउट होकर लौट जाएं। ऐसे में हम लक्ष्य से बिल्कुल भटक जाते।' उन्होंने कहा, 'हमें बाद में उनके अनुभव की जरूरत थी। वो ऑल टाइम बेस्ट फिनिशर हैं, उनको बल्लेबाजी में ऊपर भेजना किसी अपराध से कम नहीं होता। टीम में सभी लोग इससे वाकिफ थे।' सेमीफाइनल में धौनी से ऊपर ऋषभ पंत, हार्दिक पांड्या और दिनेश कार्तिक को भेजा गया। मैच में धौनी दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रनआउट हुए और भारत ने मैच 18 रन से गंवा दिया। हालांकि ऋषभ पंत के आउट होने के बाद का एक वीडियो खूब वायरल हुआ था, जिसमें कप्तान विराट काफी गुस्से में रवि शास्त्री के पास पहुंचे थे। ऐसा कहा जा रहा था कि धौनी को बैटिंग ऑर्डर में नीचे भेजने की वजह से विराट को गुस्सा आया था।
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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने की भविष्यवाणी, ये टीम जीतेगी विश्व कप का फाइनल

नई दिल्ली । ICC विश्व कप 2019 आखिरकार अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। 14 जुलाई को लंदन के प्रतिष्ठित लॉर्ड्स में मेजबान इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच विश्व कप का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। इस बार इन दोनों टीमों में से जो भी टीम खिताब जीतेगी, वो पहली बार विश्व चैंपियन बनेगी। क्रिकेट जगत को भी इस बार नए विश्व चैंपियन का इंतजार है, पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ ने टाइम्स नाउ के साथ एक विशेष बातचीत में, लॉर्ड्स में होने वाले फाइनल में विजेता टीम की भविष्यवाणी की है। वॉ ने यह भी कहा कि फाइनल में पहुंचने वाली न्यूजीलैंड की टीम सेमीफाइनल में टीम इंडिया से अच्छा खेली। वॉ का मानना था कि ब्लैक कैप्स के गेंदबाजों ने परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाया और मेन इन ब्लू के बल्लेबाजों को परेशान किया। हालांकि, विश्व कप विजेता कप्तान ने कहा कि क्रिकेट के खेल में इस प्रकार की चीजें होती हैं। वॉ ने हॉट फेवरेट ’इंग्लैंड को वर्ल्ड कप 2019 जीतने का प्रबल दावेदार बताया और ये भी माना कि यह मुकाबला मेजबान टीम के लिए आसान नहीं होगा क्योंकि न्यूजीलैंड बहुत अच्छा क्रिकेट खेल रहा है और ये टीम आत्मविश्वास के साथ फाइनल में पहुंची है। न्यूजीलैंड और इंग्लैंड दोनों ही टीमों ने चल रहे टूर्नामेंट में कुछ शानदार क्रिकेट खेली है। हालांकि, लीग स्टेज में दोनों टीमों का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव से भरपूर था, लेकिन दोनों ने टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाते हुए अपने विरोधियों को चारों खाने चित्त कर दिया। न्यूजीलैंड ने मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत को 18 रन से हराकर कई क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। वहीं, इंग्लैंड ने बर्मिंघम के एजबेस्टन में अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी (ऑस्ट्रेलिया) पर आठ विकेट की जीत से न्यूजीलैंड को ये संदेश दे दिया है कि फाइनल में इंग्लैंड को टक्कर देना आसान नहीं रहने वाला है। राउंड रॉबिन फॉर्मेट के तहत खेले जा रहे विश्व कप में न्यूजीलैंड की टीम अंक तालिका में 11 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रही थी। कीवी टीम और पाकिस्तान के अंक बराबर थे, लेकिन बेहतर रनरेट के कारण न्यूजीलैंड को सेमीफाइनल का टिकट मिल गया था। जबकि इंग्लैंड 12 अंकों के साथ अंक तालिका में तीसरे स्थान पर रहा। इंग्लैंड को भारत और न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने आखिरी दो मैच जीतने थे और मेजबान टीम ये कारनामा करने में सफल रही और सेमीफाइनल में पहुंचने में भी सफल रही। दोनों ही टीमें अब तक विश्व कप नहीं जीत पाई हैं। इंग्लैंड की टीम अपना चौथा विश्व कप फाइनल खेल रही है और न्यूजीलैंड की टीम लगातार दूसरा विश्व कप फाइनल। ऐसे में दोनों ही टीमें अपना पहला विश्व कप जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेंगी। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड में से कोई भी जीते, लेकिन इतना तो तय है कि इस बार क्रिकेट फैंस को नया विश्व चैंपियन देखने को मिलेगा।
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विंबलडन / फेडरर 12वीं बार फाइनल में, पहली बार ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में नडाल को हराया

नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर विंबडलन के सेमीफाइनल में स्पेन के राफेल नडाल को हरा दिया। उन्होंने नडाल को पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में हराया। इस जीत के साथ ही फेडरर 12वीं बार इस ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंच गए। उन्होंने नडाल को 7-6 (7/3), 1-6, 6-3, 6-4 से शिकस्त दी। फेडरर का यह 31वां ग्रैंड स्लैम फाइनल होगा। रविवार को खिताबी मुकाबले में उनका सामना वर्ल्ड नंबर-1 सर्बिया के नोवाक जोकोविच से होगा। फेडरर ने 11 साल बाद विंबलडन में नडाल को हराया दोनों खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में 11 साल के बाद आमने-सामने थे। इससे पहले 2008 के फाइनल में नडाल ने फेडरर को 6-4, 6-4, 7-6, 7-6, 9-7 से हराकर खिताब जीता था। दोनों के बीच यह मुकाबला 4 घंटे 48 मिनट चला। फेडरर ग्रैंड स्लैम फाइनल खेलने वाले तीसरे उम्रदराज खिलाड़ी 37 साल के फेडरर ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचने वाले तीसरे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। इससे पहले 1974 में केन रोसवाल 39 साल की उम्र में विंबलडन और यूएस ओपन का फाइनल खेले थे। फेडरर इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में चौथे दौर में ही बाहर हो गए थे। वहीं, फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में नडाल ने उन्हें हराया था। विंबलडन में 12 साल बाद फेडरर ने नडाल को हराया विंबलडन में दोनों के बीच यह पांचवां मैच था। इससे पहले दोनों के बीच 2006, 2007 और 2008 मुकाबला हुआ था। 2006 और 2007 में फेडरर ने नडाल को हराया था। जबकि 2008 में नडाल ने फेडरर को मात देकर खिताब जीता था। अब तक दोनों के बीच कुल 40 मुकाबले हुए। इनमें नडाल ने सबसे ज्यादा 24 और फेडरर ने 16 मुकाबले जीते। फेडरर ने सबसे ज्यादा 20 ग्रैंड स्लैम जीते विश्व में सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम के मामले में 20 टाइटल के साथ फेडरर टॉप पर हैं। नडाल ने 18 ग्रैंड स्लैम जीते हैं। फेडरर ने 8 विंबलडन, 6 ऑस्ट्रेलियन ओपन, 5 यूएस ओपन और एक फ्रेंच ओपन जीता। वहीं, नडाल ने सबसे ज्यादा 12 फ्रेंच ओपन, 3 यूएस ओपन, 2 विंबलडन और एक ऑस्ट्रेलियन ओपन अपने नाम किए।
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बैटिंग कोच संजय बांगर ने कहा था कि धोनी को 7वे डाउन भेजो

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को बुधवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व कप के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में 18 रन के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के साथ विराट सेना का विश्व विजय का सपना भी चूर-चूर हो गया। बारिश के कारण दो दिन तर चले इस एकदिवसीय मैच में टीम इंडिया के गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की टीम को 239 के स्कोर पर रोक दिया था। लेकिन इसके बाद टीम के टॉप और मिडिल ऑर्डर के खराब प्रदर्शन की बदौलत टीम को 18 रन के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। रवींद्र जड़ेजा और महेंद्र सिंह धोनी ने 7वें विकेट के लिए 116 रन की साझेदारी करके टीम इंडिया को जीत के मुहाने तक पहुंचा दिया था लेकिन अंत में जडेजा के कैच आउट होने और धोनी के रन आउट होते ही टीम की जीत की संभावनाएं पूरी तरह खत्म हो गई। टीम की हार के बाद क्रिकेट समीक्षकों ने धोनी को नंबर सात पर बल्लेबाजी के लिए भेजने के टीम मैनेजमेंट के निर्णय पर सवाल उठाए। हर किसी ने कहा कि विपरीत परिस्थिति में धोनी को पंत और पांड्या से पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा जाना सही निर्णय होता लेकिन टीम मैनेजमेंट ने उन्हें सातवें पायदान पर बल्लेबाजी के लिए भेजा। इस निर्णय पर लगातार सवाल उठने के बाद अब यह खुलासा हो गया है कि किसकी सलाह के बाद ऐसा किया गया था। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबित बैटिंग कोच संजय बांगर के बाद धोनी को नंबर सात पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया था। सीओए टीम इंडिया के कोच और कप्तान के साथ विश्व कप सेमीफाइनल में टीम को मिली हार की समीक्षा करेगी। ऐसे में बांगर की सलाह पर धोनी के बल्लेबाजी क्रम को लेकर जमकर बहस होने की संभावना है। खबर के मुताबिक, सीओए यह जानना चाहता है कि मुख्य कोच रवि शास्त्री ने बांगर की सलाह पर वीटो क्यों नहीं किया। शुरुआती कुछ मैचों में उनके सधे हुए प्रदर्शन के आधार पर धोनी को नंबर पांच पर बल्लेबाजी करने की जिम्मदारी दी गई थी लेकिन इतने अहम मुकाबले में उनकी बैटिंग पोजीशन पर बदलाव क्या सोचकर किया गया। मैच में भारतीय टीम ने 5 रन के स्कोर पर रोहित शर्मा, विराट कोहली और लोकेश राहुल के विकेट गंवा दिए थे। लेकिन इसके बाद चार नंबर पर बल्लेबाजी करने रिषभ पंत और पांच नंबर पर हार्दिक पांड्या आए। इन दोनों युवा बल्लेबाजों के बाद धोनी को बल्लेबाजी का मौका दिया गया। जहां उन्होंने रवींद्र जडेजा के साथ शानदार शतकीय साझेदारी करके शर्मनाक हार से बचा लिया।
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भारत-न्यूज़ीलैंड मैच ससपेंड, कल खेला जाएगा सेमी फाइनल

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 का पहला सेमीफाइनल मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में मंगलावर को बारिश की वजह से सस्पेंड कर दिया गया। अब यह मैच बुधवार (रिजर्व डे) को खेला जाएगा। हालांकि, बुधवार को भी बारिश होने का अनुमान है। मैच में जब बारिश आई तब न्यूजीलैंड का स्कोर 46.1 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 211 था। बुधवार को मैच वहीं से शुरू होगा जहां मंगलवार को रुका था। मैच में बारिश आई जो काफी देर तक जारी रही। बीच-बीच में रूकी लेकिन दोबारा शुरू हो गई। अंपायरों ने फैसला किया कि मंगलवार को मैच नहीं हो पाएगा इसलिए बाकी मैच बुधवार को खेला जाएगा। रॉस टेलर (85 गेंद पर 67* रन) और टॉम लाथम (4 गेंद पर 3* रन) नाबाद हैं। आईसीसी के नियम के तहत विश्व कप में नॉकआउट दौर में रिजर्व डे का ऑप्शन है। इस नियम के अनुसार मैच की निर्धारित तारीख के दिन यदि मैच पूरा नहीं हो पाता है तो ऐले में अगले दिन मैच वहीं से शुरू होगा जहां पहले दिन समाप्त हुआ था। 1999 में इंग्लैंड में खेले गए विश्व कप में भारत और इंग्लैंड के बीच मैच में ऐसा हो चुका है। न्यूजीलैंड ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय किया था। न्यूजीलैंड ने अपनी टीम में एक बदलाव किया। न्यूजीलैंड ने टिम साउदी की जगह लॉकी फॉर्ग्युसन को अंतिम एकादश में शामिल किया। फॉर्ग्युसन को चोटिल होने की वजह से पिछले मैच में आराम दिया गया था। वहीं, भारत ने भी अपनी टीम में एक बदलाव किया। भारत ने कुलदीप यादव के स्थान पर युजवेंद्र चहल को मौका दिया।
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न्‍यूजीलैंड से सेमीफाइनल खेले बिना भी फाइनल में पहुंच सकता है भारत, जानिए कैसे

मैनचेस्‍टर। विश्‍वास से भरी टीम इंडिया मंगलवार को मैनचेस्‍टर में विश्‍व कप 2019 के पहले सेमीफाइनल में न्‍यूजीलैंड से भिड़ेगी। फैंस को जहां रोमांचक मुकाबले की उम्‍मीद है, वहीं बारिश इसका मजा किरकिरा कर सकता है। ऐसी रिपोर्ट्स मिली हैं कि मैच के दिन बारिश हो सकती है। अगर मंगलवार को मैच बारिश के कारण नहीं हुआ तो फिर बुधवार को यह मुकाबला खेला जाएगा, जो कि रिजर्व डे के रूप में रखा गया है। अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने लीग चरण में कोई रिजर्व डे मैच नहीं रखा था, लेकिन सेमीफाइनल और फाइनल के लिए एक रिजर्व डे रखा है। दुर्भाग्‍यवश अगर रिजर्व डे यानी बुधवार को भी बारिश हुई। बारिश के कारण अगर रिजर्व डे के दिन भी मैच रद्द हुआ तो इसका सीधा फायदा टीम इंडिया को मिलेगा। ऐसे फाइनल में पहुंच जाएगी टीम इंडिया जी हां, इंद्र देवता की मेहरबानी विराट ब्रिगेड को सीधा फायदा दिला सकती है। दरअसल, अगर बारिश हुई तो भारतीय टीम सीधे फाइनल के लिए क्‍वालिफाई कर जाएगी। इसकी वजह यह है कि ग्रुप चरण में उसके अंक ज्‍यादा थे। उल्‍लेखनीय है कि भारत और न्‍यूजीलैंड के बीच लीग चरण का मैच भी बारिश की भेंट चढ़ गया था। तब एक भी गेंद नहीं फेंकी गई थीं। हालांकि, भारत और न्‍यूजीलैंड की मुलाकात अभ्‍यास मैच में हुई थी, जहां कीवी पेस बेट्री ने भारतीय बल्‍लेबाजी क्रम को उखाड़ दिया था। डकवर्थ लुईस प्रणाली का भी पड़ सकता है प्रभाव अगर बारिश रूकती है और खेलने का समय मिलता है तो डकवर्थ लुईस प्रणाली का इस्‍तेमाल हो सकता है। एक या दोनों टीमों को 50 ओवर खेलने का समय नहीं मिले और लक्ष्‍य में बदलाव संभव है। यह पूरा परिस्थिति के मुताबिक होगा, जिसका फायदा किसी भी टीम को मिल सकता है। नंबर-1 है विराट सेना टीम इंडिया ने शनिवार को श्रीलंका को 7 विकेट के बड़े अंतर से मात दी। विराट कोहली के नेतृत्‍व वाली भारतीय टीम इस जीत के साथ ही विश्‍व कप 2019 की अंक तालिका में शीर्ष स्‍थान पर पहुंची। टीम इंडिया के 9 मैचों में 15 अंक रहे। वहीं न्‍यूजीलैंड की टीम अंक तालिका में 11 अंकों के साथ चौथे स्‍थान पर रही। केन विलियमसन के नेतृत्‍व वाली कीवी टीम को 9 मैचों में तीन शिकस्‍त झेलनी पड़ी। अंक तालिका में शीर्ष पर रहने के बावजूद भारतीय टीम न्‍यूजीलैंड को हल्‍के में लेने की नहीं सोचेगी। ट्रेंट बोल्‍ट की अगुवाई में कीवी पेस बैटरी अभ्‍यास मैच में भारतीय बल्‍लेबाजी क्रम की धज्जियां उड़ा चुकी हैं। केन विलियमसन की टीम तीन शिकस्‍त के बावजूद भारत के खिलाफ दमदार प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।
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सहवाग ने सौरव गांगुली को बर्थडे विश देते हुए समझाया गणित

नई दिल्‍ली। टीम इंडिया के पूर्व कप्‍तान सौरव गांगुली सोमवार को अपना 47वां जन्‍मदिन मना रहे हैं। भारत के सबसे सफलतम कप्‍तानों में शुमार गांगुली को बधाई देने के लिए ट्विटर पर बाढ़ आ चुकी है। माना जाता है कि गांगुली वह कप्‍तान हैं, जिन्‍होंने टीम इंडिया को विदेश में जीतना सिखाया। पूर्व भारतीय ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने अपने पूर्व कप्‍तान के बारे में बर्थडे विश देते हुए एक मजेदार ट्रिविया साझा किया है। पता हो कि गांगुली की कप्‍तानी में सहवाग ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और गांगुली को ही वीरू को ओपनर बनाने का श्रेय जाता है। गांगुली ने 2002 नेटवेस्‍ट ट्रॉफी के फाइनल में इंग्‍लैंड को मात देने के बाद अपनी टी-शर्ट उतारकर जीत का जश्‍न मनाया था, जो भारतीय फैंस के लिए यादगार पल है। लॉर्ड्स की बालकनी में गांगुली ने पूरे जोश के साथ भारतीय टीम की जीत के बाद अपनी टी-शर्ट उतारी और घुमाते हुए जीत का जश्‍न मनाया। सहवाग ने इसी फोटो को शेयर करते हुए पूरा गणित समझाया है। मौजूदा टीम इंडिया तीसरी बार विश्‍व कप जीतने के करीब पहुंच चुकी है। ऐसे में सहवाग ने विश्‍व कप के मजेदार आंकड़ें को सामने लाते हुए गांगुली को बर्थडे विश देने की ठानी। सोशल मीडिया किंग बन चुके सहवाग ने गांगुली की जन्‍म तारीख को विश्‍व कप में उनके क्रिकेट की औसत से जोड़कर मजेदार आंकड़ा पेश किया। 47 साल के हुए गांगुली के बारे में पूर्व विस्‍फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने ट्वीट किया, '56 इंची कप्‍तान दादा को जन्‍मदिन की शुभकामनाएं। 56 इंच सीना, सातवें महीने का आठवां दिन, 8*7= 56 और विश्‍व कप में औसत भी 56। जन्‍मदिन की शुभकामना दादा। भगवान आप पर कृपा बनाए रखे।' गांगुली को भारत के सबसे सफल कप्‍तानों में से एक माना जाता है। उनकी सफल कप्‍तानी के दौरान भारत को कई महान खिलाड़ी मिले। गांगुली ने अपनी कप्‍तान में कई उभरते सितारों को मौका दिया, जिसमें से एक सहवाग भी शामिल थे। भारतीय क्रिकेट टीम को मैच फिक्सिंग के काले साएं से उबारकर दोबारा सही पटरी पर लाने का श्रेय भी गांगुली को जाता है। गांगुली के नेतृत्‍व में भारत ने कई यादगार जीत हासिल की। गांगुली वहीं कप्‍तान हैं, जिनके नेतृत्‍व में टीम इंडिया ने 2003 विश्‍व कप के फाइनल में प्रवेश किया था। भारतीय टीम को मजबूत बनाकर गांगुली ने ऑस्‍ट्रेलिया के लगातार 16 टेस्‍ट जीतने के क्रम को ध्‍वस्‍त किया था। भारत ने यह द्विपक्षीय सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी।
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