खेल

पोंटिंग ने स्मिथ की जमकर तारीफ की

सिडनी। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के सबसे सफल कप्तानों में शुमार रिकी पोंटिंग ने स्टीव स्मिथ की जमकर तारीफ की है। स्मिथ ने एशेज सीरीज के जारी चौथे टेस्ट की पहली पारी में डबल सेंचुरी ठोकी, जिसके लिए पूरा क्रिकेट वर्ल्ड उनकी तारीफ कर रहा है। पोंटिंग ने स्मिथ को जीनियस कहा है। स्मिथ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर जारी चौथे टेस्ट मैच के दूसरे दिन 211 रन बनाकर आउट हुए। बॉल टेंपरिंग मामले में 12 महीने बैन झेलने के बाद लौटे स्मिथ जबर्दस्त फॉर्म में हैं। एशेज सीरीज का पहला टेस्ट एजबेस्टन में खेला गया, जहां स्मिथ ने दोनों पारियों में सेंचुरी ठोकी, इसके बाद लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में स्मिथ ने 92 रन बनाए, जिस दौरान जोफ्रा आर्चर की गेंद पर वो चोटिल भी हो गए थे। इसके चलते वो दूसरी पारी में खेल नहीं सके और फिर तीसरा टेस्ट भी नहीं खेल पाए।
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यूएस ओपन / यूक्रेन की स्वितोलिना को हराकर सेरेना विलियम्स 33वीं बार ग्रैंड स्लैम के फाइनल में

नई दिल्ली। अमेरिका में खेले जा रहे यूएस ओपन टेनिस टूर्नामेंट में गुरुवार देर रात 23 ग्रैंड स्लैम चैम्पियन सेरेना विलियम्स वुमन्स सिंगल्स के फाइनल में पहुंच गईं। 37 वर्षीयअमेरिकी टेनिस स्टार सेरेना ने सेमीफाइनल में यूक्रेन की पांचवीं सीड एलिना स्वितोलिना को हराया। यूएस ओपन में यह उनकी 101वीं जीत है। उन्होंने इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली क्रिस एवर्ट की बराबरी कर ली। आठवीं सीड सेरेना ने यह मुकाबला 6-3, 6-1 से अपने नाम किया। वे इस टूर्नामेंट में 10वीं बार और किसी ग्रैंड स्लैम में 33वीं बार फाइनल में पहुंचीं। सेरेना अब तक 23 ग्रैंड स्लैम जीत चुकी हैं। वे ऑस्ट्रेलिया की मार्गेट कोर्ट के 24 खिताब की बराबरी से एक कदम दूर है। सेरेना पिछली बार 2017 में ग्रैंड स्लैम जीतीथीं। तब उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन जीता था। वे 2014 के बाद से यूएस ओपन नहीं जीत सकी हैं। सेरेना 1999 में पहली बार चैम्पियन बनी थीं 1998 में पहली बार यूएस ओपन खेलने वाली सेरेना 1999 में चैम्पियन बनी थीं। इसके बाद उन्होंने 2002, 2008, 2012, 2013 और 2014 में खिताब अपने नाम किया। पिछले साल जापान की नाओमी ओसाका ने उन्हें फाइनल में हरा दिया। उस मुकाबले में सेरेना ने चेयर अंपायर को चोर और झूठा कहा था। वे इस साल विम्बलडन ओपन के फाइनल में सिमोना हालेप के खिलाफ हार गईथीं। इस मैच में मजबूत शुरुआत करना चाहती थी: सेरेना सेरेना ने स्वितोलिना को हराने के बाद कहा, ‘यह बेहतरीन मैच था। मैं समर्थकों के बिना यह नहीं कर सकती थी। आप लोग (समर्थकों से) 20 साल से यहां हैं और मैं अभी भी यहीं हूं। मुझे पता है कि स्वितोलिना कैसे खेल सकती हैं, वे बेहतरीन खिलाड़ी हैं। लगातार दो सेमीफाइनल खेलना मुश्किल होता है। इसलिए उनके खिलाफ मैं इस मैच में मजबूत शुरुआत करना चाहती थी।’ स्वितोलिना इस साल विम्बलडन के सेमीफाइनल में हार गई थीं। फाइनल में सेरेना का मुकाबला 19 साल की बियांसा से होगा फाइनल में सेरेना का मुकाबला कनाडा की बियांसा एंद्रेस्कू से होगा। 15वीं सीड बियांसा ने सेमीफाइनल में स्विट्जरलैंड की 13वीं सीड बेलिंडा बेनिसिच को 7-6 (7-3), 7-5 से हराया। वे सेरेना को हराकर ग्रैंड स्लैम जीतने वाली पहली कनाडा की पहली प्लेयर बनना चाहेंगी।
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मोहम्मद शमी के खिलाफ जारी हुआ अरेस्ट वारंट, सरेंडर के लिए 15 दिन का समय

कोलकाता। भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और उनके भाई हासिद अहमद पर उनकी पत्नी हसीन जहां की ओर से लगाए गए घरेलू हिंसा के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। पश्चिम बंगाल के अलीपुर कोर्ट ने यह वारंट जारी किया है। हसीन जहां ने 2018 में मोहम्मद शमी पर मारपीट करने, रेप और हत्या की कोशिश करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे और केस दर्ज करवाया था। मोहम्मद शमी के तलाक का केस भी कोलकाता कोर्ट में विचाराधीन है। शमी को मिला है सरेंडर के लिए 15 दिन का समय अलीपुर कोर्ट ने शमी को 15 दिन के अंदर सरेंडर करने को कहा है। कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया है कि अगर 15 दिनों के अंदर मोहम्मद शमी आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए। फिलहाल मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट टीम के साथ वेस्ट इंडीज दौरे पर हैं। कोलकाता पुलिस ने हसीन जहां की शिकायत के बाद मोहम्मद शमी पर आईपीसी की सात धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। हसीन ने अपने जेठ के खिलाफ भी दर्ज कराया है केस हसीन जहां ने मोहम्मद शमी के साथ ही उनके बड़े भाई के खिलाफ भी केस दर्ज करवाया था। शमी के खिलाफ आईपीसी की धारा 498 ए (दहेज उत्पीड़न) और धारा 354 (यौन उत्पीड़न) के तहत मामला दर्ज है, जबकि उनके भाई हासिद अहमद पर धारा 354 (यौन उत्पीड़न) के तहत मामला दर्ज है। पिछले साल हसीन जहां ने मोहम्मद शमी पर कई लड़कियों के साथ संबंध होने का आरोप लगाते हुए अपने फेसबुक पेज पर व्हाट्सएप चैट के स्क्रीन शॉट्स शेयर किए थे।
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राष्ट्रपति ने बांटे राष्ट्रीय खेल पुरस्कार, दीपा मलिक और बजरंग बने खेल रत्न

नई दिल्ली। राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों से नवाजा। 29 अगस्त हॉकी के जादूगर के रूप में दुनियाभर में विख्यात मेजर ध्यानचंद का जन्मदिवस है। इस दिन को देश में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। साल 2019 के देश के सबसे बड़े खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न से पैराएथलीट दीपा मलिक और पहलवान बजरंग पूनिया को सम्मानित किया गया। इसके अलावा 19 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस साल 3 लोगों को द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जिसमें साइना नेहवाल के पूर्व बैडमिंटन कोच विमल कुमार, मनिका बत्रा के कोच संदीप गुप्ता और एथलेटिक्स कोच मोहिंदर सिंह ढिल्लों को दिया गया। महिला क्रिकेटर पूनम यादव और हाल ही में विश्व बैडमिंटन चैंपियन में कांस्य पदक जीतने वाले बी साई प्रणीथ और फुटबॉल टीम के गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू सहित 19 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। रवींद्र जडेजा भारतीय टीम के वेस्टइंडीज दौरे पर टीम के साथ होने की वजह से पुरस्कार हासिल करने नहीं पहुंच सके। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार दीपा मलिक( पैराएथलेटिक्स) बजरंग पूनिया द्रोणाचार्य पुरस्कार विमल कुमार (बैडमिंटन) संदीप गुप्ता (टेबल टेनिस) मोहिंदर सिंह ढिल्लों (एथलेटिक्स) अर्जुन पुरस्कार तजिंदरपाल सिंह तूर (एथलेटिक्स), मोहम्मद अनस याहिया (एथलेटिक्स), एस. भास्करन (बॉडी बिल्डिंग), सोनिया लाठर (बॉक्सिंग), रविन्द्र जडेजा (क्रिकेट), चिंगलियाना सिंह कंगुजम (हॉकी), अजय ठाकुर (कबड्डी), गौरव सिंह गिल (मोटर स्पोर्ट्स), प्रमोद भगत (बैडमिंटन), अंजुम मुदगिल (निशानेबाजी), हरमीत राजुल देसाई (टेबल टेनिस), पूजा ढांडा (कुश्ती), फवद मिर्जा (घुड़सवारी), गुरप्रीत सिंह संधू (फुटबॉल), पूनम यादव (क्रिकेट), स्वप्ना बर्मन (एथलेटिक्स), सुंदर सिंह गुर्जर (पैरा खेल, एथलेटिक्स), बी साई प्रणीत (बैडमिंटन), सिमरन शेरगिल (पोलो)
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बजरंग पुनिया के साथ दीपा मलिक को भी 'खेल रत्न', जडेजा समेत 19 को अर्जुन अवॉर्ड

नई दिल्ली। पैरालंपिक में रजत पदक विजेता दीपा मलिक को एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन पहलवान बजरंग पूनिया के साथ शनिवार को देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के लिये नामित किया गया। रियो पैरालंपिक के गोला फेंक में एफ53 वर्ग में रजत पदक जीतने वाली 48 वर्षीय दीपा का नाम 12 सदस्यीय समिति ने दो दिवसीय बैठक के दूसरे दिन खेल रत्न पुरस्कार के लिये जोड़ा। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) मुकुंदकम शर्मा की अगुवाई वाली समिति ने विश्व में 65 किग्रा में नंबर एक पूनिया को शुक्रवार को ही खेल रत्न के लिये चुन लिया था। छह बार की विश्व चैंपियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता एमसी मेरीकोम ने हितों के टकराव से बचने के लिये बैठक में हिस्सा नहीं लिया। उनके निजी कोच छोटेलाल यादव द्रोणाचार्य पुरस्कार की दौड़ में शामिल थे। समिति ने 19 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार के लिये भी चुना है जिसमें क्रिकेटर रविंद्र जडेजा और पूनम यादव, ट्रैक एवं फील्ड के एथलीट तेजिंदर पाल सिंह तूर, मोहम्मद अनस और स्वप्ना बर्मन, फुटबालर गुरप्रीत सिंह संधू, हाकी खिलाड़ी चिंगलेनसना सिंह कांगुजाम और निशानेबाज अंजुम मुदगिल शामिल हैं। दिशानिर्देशों के अनुसार पुरस्कार की पात्रता के लिये एक खिलाड़ी का पुरस्कार वाले वर्ष में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पिछले चार वर्षों में लगातार अच्छा प्रदर्शन होना जरूरी है। इसके साथ ही उसमें नेतृत्वक्षमता, खेल भावना और अनुशासन के गुण भी होने अनिवार्य हैं। पैनल ने तीनों नामों को द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिये नामित किया है जिनमें पूर्व बैंडमिंटन स्टार विमल कुमार भी शामिल है। इसके अलावा तीन नाम द्रोणाचार्य पुरस्कार (जीवन पर्यन्त) के लिये भेजे गये हैं। समिति ने द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए भी नाम नामांकित किए हैं और इसमें 1972 में कांस्य पदक जीतने वाली हॉकी टीम का हिस्सा रहे मैनुएल फेड्रेरिक्स, अरुप बासाक (टेबल टेनिस), नितिन किरटाने (टेनिस), मनोज कुमार (कुश्ती), चांग्ते लालरेमसांगा (तीरंदाजी) के नाम शामिल हैं।
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रवि शास्त्री फिर चुने गए क्रिकेट कोच

मुंबई। भारतीय क्रिकेट टीम का मुख्य कोच एक बार फिर रवि शास्त्री को चुन लिया गया है। कपिल देव की अगुवाई वाली बीसीसीआई की तीन सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने शुक्रवार को ये फैसला लिया। भारतीय टीम के कोच पद के लिए छह दिग्गजों ने आवेदन किया था जिसमें तीन भारतीय और तीन विदेशी शामिल थे। सलाहकार समिति ने इन 6 दिग्गजों का इंटरव्यू किया और उसके बाद फैसला हुआ कि शास्त्री टीम इंडिया के मुख्य कोच पद पर बरकरार रहेंगे। आइए आपको बताते हैं कि कौन से वो 5 पैरामीटर या कारण रहे जिनको लेकर शास्त्री को फिर से चयन हुआ है। कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी वाली तीन सदस्यीय सलाहकार समिति के मुताबिक- 5 पैरामीटर तय किए गए थे जिन पर कोच पद के लिए आवेदन करने वाले दिग्गजों को खरा उतरना था। इन पैरामीटर्स पर आवेदन करने वाले दिग्गजों को अंक दिए गए और फिर फैसला किया गया। कपिल देव ने बताया कि इन सभी 5 पैरामीटर्स पर तीनों सदस्यों ने अंक दिए और रवि शास्त्री बाकी सभी से आगे रहे। उनके मुताबिक इस रेस में रवि शास्त्री के सबसे करीब न्यूजीलैंड के माइक हेसन (दूसरा नंबर) और ऑस्ट्रेलिया के टॉम मूडी (तीसरा नंबर) रहे।
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बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट को मिलेगा राजीव गांधी खेल रत्‍न अवॉर्ड

नई दिल्‍ली। भारतीय कुश्‍ती महासंघ (डब्‍ल्‍यूएफआई) ने देश के सबसे बड़े खेल सम्‍मान राजीव गांधी खेल रत्‍न अवॉर्ड के लिए स्‍टार रेसलर बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट के नाम की सिफारिश की है। याद हो कि बजरंग पूनिया के नाम की सिफारिश पिछले साल भी की गई थी, लेकिन रेसलर ने कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स 2018 और एशियाई खेल में गोल्‍ड मेडल जीतने के बावजूद यह अवॉर्ड लेने से मना कर दिया था। बजरंग को 2015 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्‍मानित किया जा चुका है जबकि 2019 में उन्‍हें पद्मश्री अवॉर्ड दिया गया। एक न्यूज एजेंसी से बातचीत करते हुए सूत्रों ने जानकारी दी कि स्‍टार रेसलर को खेल में निरंतर बेहतर प्रदर्शन के कारण खेल रत्‍न अवॉर्ड से सम्‍मानित किया जा रहा है। पूनिया का खेल में उम्‍दा योगदान रहा क्‍योंकि उन्‍होंने देश को कई सम्‍मान दिलाए। विनेश फोगाट के नाम की सिफारिश भी प्रतिष्ठित अवॉर्ड के लिए की गई है। पूनिया ने हाल ही में बिलसी ग्रांडप्रिक्‍स में अपने खिताब की रक्षा की थी। उन्‍होंने पुरुषों की फ्री स्‍टाइल स्‍पर्धा में ईरान के पीमन बिबयानी को 65 किग्रा के फाइनल में मात देकर गोल्‍ड मेडल जीता था। इससे पहले 2018 में पूनिया ने रैंकिंग में शीर्ष स्‍थान हासिल किया था। 65 किग्रा वर्ग में पूनिया ने विश्‍व चैंपियनशिप में सिल्‍वर मेडल जीता था। पूनिया ने दो बार कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में मेडल जीता। उन्‍होंने ग्‍लास्‍गो में 2014 कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में सिल्‍वर मेडल जीता था। इसके बाद पिछले साल गोल्‍ड कोस्‍ट में पूनिया ने इसे गोल्‍ड में तब्‍दील किया। पता हो कि खेल अवॉर्ड्स हर साल महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्‍यानचंद के जन्‍मदिन 29 सितंबर को दिए जाते हैं। राजीव गांधी खेल रत्‍न पुरस्‍कार देश का सबसे बड़ा खेल अवॉर्ड है। इस अवॉर्ड में एक पदक, प्रशस्ति पत्र और 7.5 लाख रुपये की राशि खिलाड़ी को दी जाती है। याद हो कि पिछले साल टीम इंडिया के कप्‍तान विराट कोहली और भारोत्‍तोलक मीराबाई चानू को खेल रत्‍न पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया था।
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कौन बन सकता हैं टीम इंडिया का नया कोच, जानिए इन 6 नामंकित चेहरों के बारे में खास बातें

नई दिल्ली। टीम इंडिया का मुख्य कोच कौन होगा, सभी फैंस इस सवाल का जवाब जानना चाहते होंगे। अनिल कुंबले की अजीब विदाई और फिर विराट कोहली की पसंद के मुताबिक रवि शास्त्री को भारतीय टीम का मुख्य कोच चुनना काफी चर्चा व विवादों में भी रहा था। खैर, अब बीसीसीआई ने छह चेहरों को नामंकित कर लिया है और आगामी 16 अगस्त को इनके इंटरव्यू किए जाएंगे, जिसके बाद भारतीय टीम को नया मुख्य कोच मिलेगा। या फिर पुराना कोच ही बरकरार रहेगा? आइए जानते हैं संभावनाएं और इन 6 चेहरों के बारे में। 1. रवि शास्त्री (भारत) भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और मौजूदा कोच रवि शास्त्री हमेशा से कप्तान विराट कोहली के पसंदीदा रहे हैं। पिछली बार कोच चयन के दौरान विराट ने अपना मत शास्त्री को दिया था और यही वजह थी कि तमाम दिग्गजों के आवेदन के बावजूद अनिल कुंबले की अजीबोगरीब व विवादित विदाई के बाद शास्त्री को चुना गया। टीम इंडिया के साथ शास्त्री निदेशक के रूप में भी जुड़े रहे थे, जिस पद को लेकर तमाम पूर्व दिग्गजों ने सवाल भी उठाए थे। शास्त्री का कोचिंग कार्यकाल कई बार सवालों के घेरे में रहा जिसमें खिलाड़ियों के अनुशासन से लेकर उनके कुछ बयान भी विवादित रहे। जबकि प्रदर्शन की बात करें तो उनकी मौजूदगी में टीम इंडिया का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा। 2. लालचंद राजपूत (भारत) दक्षिण अफ्रीका में हुए पहले टी20 विश्व कप में लालचंद राजपूत भारतीय टीम के मैनेजर थे। फिर आईपीएल के पहले सीजन (2008) में वो मुंबई इंडियंस के कोच रहे। उस दौरान हरभजन सिंह-श्रीसंत थप्पड़ कांड के दौरान वो कैमरे में हंसते हुए कैद हुए थे जिस पर काफी विवाद हुआ था। बीसीसीआई भी उनसे नाराज था। खैर, 2016 में राजपूत देश से बाहर निकले और अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के कोच बने। उन्हीं की कोचिंग में अफगानिस्तान ने आईसीसी में पूर्ण सदस्यता हासिल कर ली। फिर 2018 में वो जिंबाब्वे के अंतरिम कोच बने और उसी साल उन्हें परमानेंट कर दिया गया। जून 2019 में वो कनाडा ग्लोबल टी20 लीग में विनिपेग हॉक्स के कोच बने और इसी रविवार को उनकी टीम चैंपियन बन गई। ऐसे में उनका नाम भी नजरअंदाज नही ंकिया जा सकता। 3. रॉबिन सिंह (भारत) टीम इंडिया के पूर्व धुरंधर खिलाड़ी रॉबिन सिंह ने अपना करियर खत्म होने के तुरंत बाद कोचिंग करियर की तरफ रुख कर लिया था। 2004 में ये सफर हांगकांग क्रिकेट टीम का कोच बनकर हुआ और 2006 में इंडिया-ए टीम के कोच बन गए। अगले साल यानी 2007 में वो टीम इंडिया के साथ फील्डिंग कोच के रूप में जुड़े और उसी समय भारत ने टी20 विश्व कप जीतकर इतिहास रचा। उसके अगले साल वो आईपीएल में डेक्कन चार्जर्स के कोच बने और 2010 में मुंबई इंडियंस के साथ जुड़ने के बाद अब तक वो मुंबई के साथ आईपीएल में बने हुए हैं। इसके अलावा दुनिया की तमाम टी20 लीग्स जैसे बांग्लादेश प्रीमियर लीग और कैरेबियन प्रीमियर लीग में भी वो कोचिंग करते रहे हैं। उन्होंने 2011 में अमेरिकी टीम को भी कोचिंग सेवाएं दी थीं। 4. माइक हेसन (न्यूजीलैंड) न्यूजीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन भी भारतीय कोच के पद की दौड़ में हैं। माइक हेसन न्यूजीलैंड क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कोच के तौर पर शुमार रहे हैं और 2015 क्रिकेट विश्व कप के फाइनल में टीम को पहुंचाने का श्रेय भी उनको मिला था। माइक हेसन छह साल तक न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के कोच रहे और उन्होंने 2018 में अपने पद से इस्तीफा दिया था। अब 44 वर्षीय माइक हेसन इस साल एक बार फिर कोचिंग में लौटे जब उन्हें आईपीएल 2019 में किंग्स इलेवन पंजाब का कोच नियुक्त किया गया। उन्हें हितों के टकराव के मामले से बचने के लिए अपना हलफनामा जमा करना पड़ा है। 5. फिल सिमंस (वेस्टइंडीज) साल 2002 में वेस्टइंडीज क्रिकेट को अलविदा कहने वाले फिल सिमंस ने संन्यास के बाद 2004 में जिंबाब्वे का कोच बनकर अपने कोचिंग करियर का आगाज किया। ये शुरुआत अच्छी नहीं रही लेकिन उसके बाद 2007 में आयरलैंड क्रिकेट टीम से जुड़ने के बाद सब कुछ बदल गया। साल 2007 के विश्व कप में आयरलैंड ने पाकिस्तान और बांग्लादेश को हराया जबकि 2015 विश्व कप में उनकी टीम ने इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और जिंबाब्वे को मात देकर सबका दिल जीत लिया। उन्होंने आयरलैंड की 244 मैचों तक कोचिंग की जिस दौरान आयरलैंड ने तकरीबन 11 खिताब जीते। 2015 विश्व कप के बाद वो वेस्टइंडीज टीम के कोच बने और वेस्टइंडीज ने भी टी20 विश्व कप 2016 जीतकर दूसरी बार इतिहास रचा। साल 2017 में वो अफगानिस्तानी टीम के कोच बने। 6. टॉम मूडी (ऑस्ट्रेलिया) ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने 2001 में रिटायरमेंट के बाद से ही कोचिंग का रुख कर लिया था। शुरुआत में कुछ वूस्टरशायर के साथ कुछ प्रशासनिक भूमिकाएं निभाने के बाद वो 2005 में श्रीलंकाई टीम के कोच बने और 2007 में श्रीलंका विश्व कप फाइनल तक भी पहुंची। 2007 में वो ऑस्ट्रेलिया की वेस्टर्न वॉरियर्स टीम के मैनेजर बने आईपीएल के पहले सीजन में किंग्स इलेवन पंजाब के कोच बने। बाद में कुछ साल कमेंट्री करते रहने के बाद वो 2012 में आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के कोच बने और उनकी कोचिंग में 2013 से 2019 के बीच हैदराबाद ने 5 बार प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई किया और 2016 में खिताब भी जीता। इस समय वो बिग बैश लीग, पाकिस्तान सुपर लीग और कनाडा ग्लोबल टी20 लीग से भी जुड़े हुए हैं।
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कभी सड़क पर कचरा उठाकर परिवार का पेट पालते थे क्रिस गेल, अब तोड़ा लारा का रिकॉर्ड

क्रिस गेल भले ही आज बेहद आलीशान जिंदगी जीते हैं, वो पार्टीज़ करते हैं लेकिन बहुत कम लोग ये जानते हैं कि उन्होंने अपनी जिंदगी में बहुत ज्यादा संघर्ष किया है. क्रिस गेल का परिवार एक कच्ची झोपड़ी में रहता था. बेहद गरीब होने के चलते गेल पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए. क्रिस गेल अपने परिवार का पेट पालने के लिए कचरा तक इकट्ठा करते थे. एक इंटरव्यू के दौरा उन्होंने खुलासा किया था कि उन्हें पेट भरने के लिए चोरी तक करनी पड़ी। वनडे डेब्यू भारत के खिलाफ क्रिस गेल ने भारत के खिलाफ ही वनडे डेब्यू किया था हालांकि अच्छा प्रदर्शन नहीं करने की वजह से उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. इसके बाद उन्होंने 2002 में टीम में वापसी की और गेल ने भारत के खिलाफ 3 शतक जड़ दिये. हालांकि साल 2005 में उन्हें तब बड़ा सदमा लगा जब खुलासा हुआ कि उनके दिल में छेद है. गेल ने फिर भी हार नहीं मानी और उन्होंने जिंदगी खुलकर जीनी शुरू कर दी. यही नहीं इसके बाद गेल ने बल्लेबाजी का अंदाज भी बदला और आज इसी की बदौलत वो वेस्टइंडीज ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं। यही नहीं क्रिस गेल वेस्टइंडीज के लिए 300 वनडे खेलने वाले पहले खिलाड़ी भी हैं. साथ ही वो वनडे में 23 शतक लगाने वाले पहले विंडीज बल्लेबाज हैं. उनके नाम सबसे ज्यादा 326 छक्के मारने का रिकॉर्ड भी है. वो वेस्टइंडीज के लिए वनडे में डबल सेंचुरी ठोकने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं।
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स्‍टार पहलवान बजरंग पूनिया बोले- ना कश्मीर में ससुराल चाहिए, ना मकान चाहिए बस...

जम्‍मू कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 हटाने के फैसले के बाद सोशल मीडिया पर वहां की महिलाओं और जमीन के बारे में कई विवादित बयान सामने आए हैं. कई नेताओं ने भी इस मसले पर आपत्तिजनक टिप्‍पणियां की है. जिस दिन कश्‍मीर से विशेष दर्जा वापस लिया गया था उस दिन जम्‍मू कश्‍मीर में जमीन खरीदने के मीम्‍स और चुटकुलों की बाढ़ सी आ गई थी. इन सबके बीच पहलवान बजरंग पूनिया ने ऐसा बयान दिया है जो कश्‍मीर में बेमतलब बयान देने वालों के लिए करारा जवाब है. बता दें कि अनुच्‍छेद 370 से जम्‍मू कश्‍मीर को विशेष दर्जा मिलता था. लेकिन गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में इस संबंध में बिल लाकर इस दर्जे को समाप्‍त कर दिया। स्‍टार पहलवान ने ट्वीट किया, 'ना कश्मीर में ससुराल चाहिए, ना ही वहां पर मकान चाहिए, बस कोई फौजी शरीर तिरंगे में लिपटकर न आये, अब ऐसा हिंदुस्तान चाहिए. जय हिंद जय भारत.' उनके इस ट्वीट को अब तक 7 हजार से ज्‍यादा लोग रीट्वीट कर चुके हैं और 40 हजार से ज्‍यादा यूजर लाइक कर चुके हैं।
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