कानपुर

भाजपा नेता की पैरवी करने थाने पहुंची साध्वी निरंजन ज्योति, इंस्पेक्टर को जमकर लगायी फटकार

कानपुर। गुरूवार देर रात एक नवविवाहिता की पैरवी करने पहुंचे भाजपा नेता को ही पुलिस ने हवालात में डाल दिया । जब इसकी भनक केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को हुई तो गुस्से भड़क गई । केंद्रीय मंत्री देर रात काफिले के साथ घाटमपुर कोतवाली पहुंच गई । पुलिस की इस कार्यवाई के खिलाफ इंस्पेक्टर को जमकर फटकार लगाई और दिमाग सही रखने की नसीहत दी। जिले के मूसानगर में रहने वाले भाजपा नेता कल्लू चौरसिया साध्वी निरंजन ज्योति करीबी नेता माने जाते हैं। दरसल कल्लू चौरसिया के पड़ोस में रहने वाले आमान ने बेटी खुशनुमा की शादी दो साल पहले घाटमपुर के इमरान से की थी। इमरान ने बीते गुरुवार सुबह खुशनुमा के साथ मारपीट की। इसके बाद खुशनुमा को बच्चे के साथ घर से बाहर निकाल दिया था। खुशनुमा किसी तरह से जब मायके पहुंची और परिजनों को पूरा घटनाक्रम बताया। पीड़िता के पिता ने पड़ोस में रहने वाले भाजपा नेता कल्लू चौरसिया से मदद की गुहार लगाई। कल्लू चौरसिया ने घाटमपुर में रहने वाले वाले अपने मित्र भाजपा नेता रामजी शुक्ला से संपर्क किया। कल्लू चौरसिया, रामजी शुक्ला पीड़िता को लेकर थाने पहुंचे। पुलिस को पूरा घटनाक्रम बताया और पीड़िता खुशनुमा के ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्यवाई की मांग करने लगे। भाजपा नेता का दबाव बढता देख घाटमपुर इंस्पेक्टर भाजपा नेता कल्लू चौरसिया पर भड़क गए। नेतागिरी करने का आरोप लगाते हुए उन्हें हवालात मे डलवा दिया। कल्लू के साथी रामजी शुक्ला ने पुलिस की इस हरकत की जानकारी भाजपा नेताओं और कार्यकताओं को दी। कुछ ही देर में भाजपा के कार्यकर्ता थाने पर इकट्ठा होने लगे। भाजपा नेता को हवालात पर डालने की सूचना पर केंद्रीय मंत्री घाटमपुर कोतवाली पहुंच गईं। इसके बाद सभी पुलिसकर्मियों के जमकर क्लास ली। केद्रीय मंत्री को देखकर इंस्पेक्टर की बोलती बंद हो गई। पुलिस को तत्काल कल्लू चौरसिया को छोड़ना पड़ा। केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने इंस्पेक्टर की शिकायत एडीजी से की और इसके साथ ही ऐसे लापरवाह इंस्पेक्टर को हटाने की मांग की ।
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लखनऊ-कानपुर मेमू लोकल ट्रेन के चार डिब्बे डिरेल, बड़ा हादसा दला, कोई हताहत नहीं

कानपुर। सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह बड़ा हादसा टला है। यहां स्टेशन पर कानपुर-लखनऊ मेमू के चार डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। रेलवे के अधिकारी मौके पर हैं। डिब्बों को पटरी पर लाने का काम जारी है। ट्रेनों का संचालन बहाल है। रेल अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ-कानपुर मेमू लोकल ट्रेन (64201) बुधवार सुबह लखनऊ से चलकरकानपुर पहुंची थी। ट्रेन की स्पीड काफी धीमी थी। लेकिन स्टेशन पर पटरी बदलते समय ट्रेन के चार डिब्बे डिरेल हो गए। इस हादसे में स्टेशन की बाउंड्री व कई पिलर टूट गए। यात्रियों में अफरा तफरी मच गई। लेकिन मामला समझते ही सभी संभल गए। मेमू ट्रेन के डिब्बों को दोबारा पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर रेलवे के टेक्निकल स्टॉफ की टीम पहुंची है।
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वंदे भारत ट्रेन के पार्ट्स बनाने वाली फैक्ट्री में बॉयलर फटा, एक कर्मचारी के चीथड़े उड़े; 4 घायल

कानपुर। पनकी इलाके मेंवंदेभारत ट्रेन के पार्ट्स बनाने वाली फैक्ट्री में मंगलवार की सुबह बॉयलर फट गया। इसकी चपेट में आए एक कर्मचारी के चीथड़े उड़ गए। धमाका इतना भीषण था किकर्मचारी के शरीर का आधा हिस्सा फैक्ट्री के बाहर जाकर गिरा। हादसे में चार कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें दो की हालत नाजुक है। जानकारी के मुताबिक,कानपुर मेंपनकी स्थित औद्योगिक इलाके मेंवेद सेसोमेकेनिका इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम से फैक्ट्री है। ये रेलवे से अनुबंधित कारखाना है, जिसमें वंदे भारत ट्रेन के अलावा रेलवे की बोगी के पार्ट बनते हैं। मंगलवार सुबह कारखाने में बॉयलर के पास सर्वेश पाल (28), रवींद्र, कुलदीप, छोटू, दीपक नाम के कर्मचारीकाम कर रहे थे। तभी अचानक बॉयलर फट गया। चपेट में आने से सर्वेश पाल की मौके पर मौत हो गई। वहीं, चार अन्य घायल हैं। पति के शव को देख बेहोश हुई पत्नी इस हादसे की जानकारी जैसे ही पत्नी को हुई तो वो फैक्ट्री पहुंच गई।पति का क्षतविक्षत शव देखकर बेहोश हो गई। मृतकसर्वेश के परिवार में पत्नी और डेढ़ साल का बच्चा है।
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स्कूल से लापता हुए छह बच्चों के लिए सोशल मीडिया बना वरदान, सभी लिखते थे एक दूसरे को लव लेटर

कानपुर। कानपुर में बुधवार को हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक स्कूल से पांचवीं कक्षा के छह बच्चे छुट्टी के बाद से लापता गए। इस घटना के बाद परिजनों ने स्कूल में जमकर हंगामा किया। बच्चों के गायब होने की सूचना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। एक जागरुक नागरिक की मदद से पुलिस को सभी बच्चे मिल गए हैं। यह घटना किदवई नगर एन ब्लॉक स्थित डॉ. वीरेंद्र स्वरूप विद्यालय की है। यहां छुट्टी होते ही छह बच्चे अनुषा मेधा, श्रेया शर्मा , सक्षम श्रीवास्तव, विहान, सात्विक पाण्डेय, विदूषी सिंह लापता हो गए थे।छुट्टी के बाद वैन चालक को जब बच्चे नहीं मिले तब उसने स्कूल व परिजनों को मामले की जानकारी दी। रामेंद्र अवस्थी नाम के एक युवक की सक्रियता के चलते यशोदा नगर बाईपास स्थित भगवती पेट्रोल पंप के पास से सभी बच्चों को सुरक्षित कर लिया गया। जानकारी के अनुसार रामेंद्र अवस्थी का बच्चा वीरेंद्र स्वरूप में दूसरी कक्षा में पढ़ता है। रमेंद्र अवस्थी ने बताया कि जब उन्होंने छह बच्चों को देखा तो उन्हें बच्चों पर शक हुआ। जिसपर उन्होंने बच्चों से अभिभावकों का नंबर लेकर उन्हें सूचना दी। साथ ही सभी बच्चों को लेकर स्कूल पहुंच गया। पुलिस की पूछताछ में बच्चों ने जब भागने की वजह बताई तो सभी लोग दंग रह गए। बुधवार को क्लास में इन तीन छात्र और तीन छात्राओं ने आपस में एक दूसरे को लव लेटर दिए थे। इसकी शिकायत सहपाठियों ने क्लास टीचर से की थी। क्लास टीचर ने प्रिंसिपल को बताया था। इसपर प्रिंसिपल मैम ने बच्चों को बुलाकर समझाते हुए ऐसा न करने तथा दोबारा शिकायत मिलने पर अभिभावकों को बताकर सजा देने की बात कही थी। सभी घर में माता-पिता की डांट से बचने के लिए स्कूल से भाग गए थे।
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कपड़ा बाजार में छापा, रेमंड के नाम पर बिक रहा नकली कपड़ा

कानपुर। शहर की सबसे बड़े कपड़ा बाजार में नकली कपड़ों की बिक्री हो रही है। देश-दुनिया में ब्रांड कंपनियों के नाम से नकली कपड़ा बेचा जा रहा है, सोमवार की दोपहर कंपनी की टीम के साथ पुलिस ने छापा मारकर बड़ी मात्रा में नकली माल बरामद किया है। दुकानदारों को हिरासत में लिए जाने के साथ दो अन्य दुकानों में छापा मारकर जांच की है। घुमनी बाजार में चल रहा था नकली का खेल शहर में जनरलगंज में कपड़े की सबसे बड़ी बाजार है, यहां से आसपास के जनपदों से बड़े दुकानदार कपड़ों की खरीद करने आते हैं। यहीं पर घुमनी बाजार में कई थोक की दुकानें हैं। देश की नामचीन ब्रांडेड कंपनी के अफसरों को पता चला था कि घुमनी बाजार की एक दुकान में कंपनी के नाम से नकली कपड़ा बेचा जा रहा है। कंपनी ने यहां से कपड़े का सैंपल लेकर जांच कराई तो नकली की पुष्टि हुई। इसपर सोमवार को कंपनी के प्रतिनिधियों ने स्थानीय थाने की पुलिस से संपर्क करके जानकारी दी। पुलिस और कंपनी की टीम ने अमृतसर वुलेन एजेंसी में छापा मार दिया। यहां से बड़ी मात्रा में कंपनी के नाम अंकित वाले कपड़े की गांठे बरामद कीं। पुलिस ने दुकान मालिक को हिरासत में लिया और थाने ले गई। इसके बाद टीम ने घुमनी बाजार की दो दुकानों में भी छापा मारा, जहां मिले कपड़े की जांच शुरू की। सीओ कलक्टरगंज श्वेता यादव ने बताया कि ब्रांडेड रेमंड कंपनी की टीम ने दुकान पर नकली कपड़ा बेचे जाने की जानकारी दी थी। इसपर कंपनी के अफसरों के साथ छापा मारकर नकली कपड़ा बरामद किया गया है। अभी छापामारी की कार्रवाई जारी है, तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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कानपुर से बंगाल चला चमड़ा उद्योग, उद्यमियों का ममता सरकार से करार

कानपुर। कानपुर की पहचान बन चुके चमड़ा उद्योग का यहां से मोहभंग हो रहा है। लगातार बंदी और घटते कारोबार से परेशान उद्यमी दूसरे प्रदेशों में भविष्य तलाश रहे हैं। यहां के 18 उद्यमियों ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ 700 करोड़ से अधिक के निवेश का करार किया है। गैर प्रदेश में होने वाले इस निवेश से डेढ़ हजार से अधिक रोजगार को भी झटका लगा है। सूबे से निर्यात में 12.47 फीसद चमड़ा उत्पाद प्रदेश में कानपुर और आगरा चमड़ा उत्पादों के हब हैं। सूबे से होने वाले कुल निर्यात का 12.47 फीसद केवल चमड़ा उत्पाद ही हैं। कानपुर में करीब डेढ़ लाख से अधिक लोग प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से इस कारोबार से जुड़े हैं, लेकिन नवंबर से टेनरियों की बंदी से उद्यमी टूटने लगे हैं। ऐसे में जब पश्चिम बंगाल सरकार ने यहां के उद्यमियों को सस्ती जमीन और बेहतर सुविधाओं का वादा किया तो 18 उद्यमियों ने वहां निवेश का करार कर लिया। चर्म उद्योग के आयात निर्यात विशेषज्ञ जफर फिरोज बताते हैं कि इन 18 उद्यमियों में से छह को जमीन का एलॉटमेंट भी दो दिन पहले मिल गया। हालांकि वे कहते हैं कि इसे कानपुर से पलायन नहीं कहा जाएगा, लेकिन बेहतर सुविधाएं होती तो यह निवेश यहां भी हो सकता था। यह भी जानें 2016-17 में उत्तर प्रदेश ने कुल 84282.89 करोड़ रुपये का निर्यात किया था। जिसमें सिर्फ चमड़ा व चमड़ा उत्पादों की हिस्सेदारी 12.47 फीसद यानी 10508.50 करोड़ रुपये का था। बीते साल मुख्यमंत्री ने जो इन्वेस्टर्स समिट बुलाई थी। उसमें जिले में 1841 करोड़ के निवेश करार हुए थे। इसमें अभी 500 करोड़ का निवेश भी धरातल पर नहीं उतरा है जबकि केवल चमड़ा सेक्टर में ही करीब 700 करोड़ रुपये का निवेश कानपुर से चला गया है। 22 उद्यमी अभी और हैं कतार में प.बंगाल में निवेशक उद्यमी असद इराकी ने कहा कि कानपुर तो घर है, लेकिन यहां इंडस्ट्री ही बंद है। काम का माहौल नहीं है, सो बंगाल जाना पड़ रहा है। कानपुर से कुल 40 उद्यमियों ने आवेदन किया था। बाकी का भी जल्द करार होने की उम्मीद है। चर्म निर्यात परिषद के अध्यक्ष जावेद इकबाल बताते हैं कि बंगाल सरकार के आकर्षक प्रस्ताव पर यहां के उद्यमी अपना विस्तार वहां कर रहे हैं। टेनरियों की बंदी से असर जरूर पड़ा है, अब मुख्यमंत्री ने टेनरियां खोलने का आदेश दिया है। जल्द ही चमड़ा उद्योग के अच्छे दिन आएंगे। इसलिए मुफीद है पश्चिम बंगाल -कानपुर में उद्योग के लिए जमीन की कीमत सात-आठ हजार रुपये वर्गमीटर है। जबकि बंगाल सरकार ने 4000 में देने का वादा किया है। यह रेट भी 2400 रुपये तक जाने के आसार हैं। -कोलकाता जैसे शहर के निकट ममता सरकार सीटीईपी निर्माण से लेकर सारे ढांचागत विकास का खर्च उठा रही है। यहां उद्यमियों को खर्च उठाना पड़ रहा है। -हवाई के साथ समुद्री परिवहन होने से निर्यातकों का परिवहन खर्च भी काफी कम हो जाएगा।
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एसटीएफ ने इंडियन आर्मी के भगोड़े जवान को कैंट एरिया से पकड़ा

कानपुर। यूपी एसटीएफ की कानपुर यूनिट ने रविवार को इंडियन आर्मी के भगोड़े जवान को कैंट एरिया के सर्किट हाउस तिराहे के पास से गिरफ्तार किया है। अंतराष्ट्रीय स्तर पर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। उसके पास से सेना का कार्ड, लिकर कार्ड, नकदी, चेकबुक और कार बरामद हुई है। एसटीएफ अब उसके बारे में पूरी जानकारी जुटा रही है। एसटीएफ को सेना के फर्जी जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) की जानकारी मिली थी। इंडियन आर्मी का कार्ड दिखा जाल में फंसाता था उन्नाव के बीघापुर रैथाना निवासी आलोक कुमार अवस्थी फर्जी जूनियर कमीशंड अधिकारी अपने रिश्तेदारों व दोस्तों के माध्यम से लोगों को इंडियन आर्मी का परिचय पत्र व कैंटीन स्मार्ट कार्ड दिखाकर और बड़े आर्मी अफसरों से परिचय का झांसा देकर जाल में फंसाता था। विश्वास जीतने के लिए उन्हें अपने कैंटीन स्मार्ट कार्ड से लोगों को सामान भी दिलवाता था। झांसे में आने पर लोगों से सेना में भर्ती के नाम पर पांच से सात लाख रुपये लेता था। चार राज्यों में 150 से अधिक लोगों को बनाया शिकार एसटीएफ कानपुर यूनिट के इंस्पेक्टर घनश्याम यादव ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि वह अबतक उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, बिहार के करीब 150 से अधिक लोगों से करोड़ों की ठगी कर चुका है। उसके खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले में कैंट पुलिस आर्मी इंटेलीजेंस और अफसरों से उसके सेना में लिंक, ठगी के शिकार हुए लोगों आदि के बारे में ब्यौरा जुटाया जा रहा है। इंडियन आर्मी से उसके भगोड़ा होने की जानकारी मिली है। वह फर्जी जेसीओ बनकर लोगों से ठगी कर रहा था। एक करोड़ से बनवा रहा मकान आलोक ने बताया कि गांव में पैतृक मकान को अलीशान तरीके से बनवा रहा है। मकान बनवाने में वह अबतक एक करोड़ रुपये लगा चुका है। मकान बनवाने में खर्च रुपये लोगों से लिया हुआ है। इसी से कुछ समय पहले उसने एक कार भी खरीदी थी, जिसे एसटीएम ने कब्जे में लिया है। इंटरनेट कॉलिंग से करता था सौदा एसटीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि शातिर लोगों को झांसे में लेने के बाद नौकरी और रुपये का सौदा इंटरनेट कॉलिंग के माध्यम से ही करता था। यूनियन बैंक के खाते में रकम मंगाता था।
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सातवी मंज़िल से गिर कर संदिग्ध परिस्थियो में मौत

कानपुर। कोहना एलनगंज में शनिवार की दोपहर एल्डोराडो अपार्टमेंट से अचानक एक युवती नीचे आ गिरी तो लोगों में अफरा तफरी मच गई। इससे पहले कि लोग उसे अस्पताल ले जाते उसकी मौत हो चुकी थी। जमीन पर पड़ी युवती सातवीं मंजिल पर फ्लैट में रहने वाले कारोबारी की पत्नी थी। लोगों के बीच उसके गिरने, आत्महत्या करने या फिर धक्का देने जैसी चर्चाएं होनी शुरू हो गई। सूचना पर आए मायके वालों के हंगामा करने पर पुलिस ने कारोबारी पति, उसके माता-पिता और बहन को हिरासत में लेकर छानबीन शुरू की है। एल्डोराडो अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 706 नंबर निवासी सुशील अग्रवाल की मंधना में अनुशील फिलामेंट प्राइवेट लिमिटेड नाम से पॉलिस्टर धागा बनाने की फैक्ट्री है। करीब ढाई साल पहले उनके बेटे की शादी काकादेव मोतिविहार अपार्टमेंट निवासी कागज कारोबारी पदम अग्रवाल की बेटी हर्षिता से हुई थी। शनिवार सुबह 27 वर्षीय हर्षिता अपने फ्लैट से सात मंजिल नीचे आ गिरी, उसके गिरते ही अपार्टमेंट में अफरा तफरी मच गई। लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। सूचना पर पुलिस और मायके से भी लोग आ गए। मायके वालों ने हत्या का आरोप लगातेपिता ने बताई ये बात पिता पदम् अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद से बेटी के ससुरालवाले दो करोड़ रुपये की मांग कर रहे थे। न देने पर बेटी को रोजाना प्रताडि़त करते थे। शनिवार को 11:21 बजे हर्षिता का फोन आया था, उसने कहा कि पाप आप हमे बुला लो। इसपर जब उत्कर्ष को फोन किया तो उसने ठीक से कोई जवाब नहीं दिया। वह बेटी के घर कि लिए निकलते, इससे पहले 12:42 बजे सुशील का फोन आया और कहा कि जल्दी आइए जरूरी काम है। यहां पहुंचे तो बेटी का शव जमीन पर पड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि ससुरालवालों ने बेटी की हत्या की है। हुए हंगामा शुरू कर दिया। नौकरानी ने खोला ये राज सूचना पर पहुंची कोहना थाना पुलिस की पूछताछ में नौकरानी शकुंतला ने बताया कि आये दिन किसी न किसी बात पर सास रानू और बहू हर्षिता के बीच झगड़ा होता था। शनिवार सुबह जब वह पहुंची तो सास-बहू में झगड़ा हो रहा था। इसके बाद बहू खिड़की की ओर गई और पीछ से सास भी दौड़ी। तबतक सातवीं मंजिल से बहू नीचे गिर गई थी। सास के शोर मचाने पर अपार्टमेंट के लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ ही देर में सुशील व उत्कर्ष भी पहुंचे। उन्होंने हर्षिता के मायकेवालों को सूचना दी। पुलिस ने आरोप के आधार पर मृतका के कारोबारी पति, ससुर, सास और बहन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। कोहना थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है, अभी हत्या या आत्महत्या के बाबत कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद घटना की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
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पुलिस टीम पर प्राइवेट गार्ड ने किया फायर; गोली लगने से सिपाही घायल

कानपुर। सजेती थाना इलाके के रैपुरा गांव में सोमवार तड़के गस्त पर निकली पुलिस टीम पर एक प्राईवेट कंपनी के गार्ड ने चोर समझकर फायरिंग कर दी। इस दौरान एक सिपाही के पीठ में गोली लगी, इससे वह घायल हो गया। घायल सिपाही को पुलिसकर्मियों एक प्राईवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिपाही की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं पुलिस ने गार्ड को हिरासत में लेते हुए बंदूक बारामद कर ली है। लाइन बिछाने का चल रहा काम सजेती थाना क्षेत्र स्थित रैपुरा गांव में हाईटेशन टॉवर में लाइन बिछाने का काम चल रहा है। लाईन बिछाने का काम एक प्राईवेट कंपनी एलएनटी द्वारा किया जा रहा है। पूरे क्षेत्र में बिजली के तार और बिजली संबधित उपकरण चारों तरफ फैले पड़े हैं। प्राईवेट कंपनी लगातार चोरी की घटनाओं से परेशान है। चोरी की वारदातों को रोकने के प्राईवेट गार्ड तैनात किए हैं। सोमवार सुबह लगभग चार बजे सजेती थाने की पुलिस टीम गस्त कर रही थी। चोरी की सूचना पहुंची थी पुलिस टीम तभी पुलिस टीम को सूचना मिली कि रैपुरा गांव में तार चोरी की घटना हुई है। हेड कांस्टेबल हरनाम ने रैपुर गांव की तरफ गाड़ी मोड़ दी। जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची गार्ड ने फायर कर दिया। हरनाम की पीठ में गोली लग गई। खून से लथपथ सिपाही वहीं पर गिर पड़ा। पुलिस कर्मियों ने फौरन इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। मौके पर कई थानों की फोर्स पहुंच गई। घायल हरनाम को कानपुर के रिजेंसी हास्पिटल में एडमिट कराया गया है। पुलिस ने बरामद की बंदूक सिरसा गांव के रहने वाले गार्ड पवन कुमार ने बताया कि, धोखे में उससे गोली चली है। बंदूक से निकलने वाली गोली एक दूसरे गार्ड दलबीर सिंह के हाथ को छूते हुए पुलिस की जीप के टायर से टकराकर सिपाही की पीठ पर लगी है। एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न ने बताया कि, गार्ड पुलिस हिरासत में है। उसकी बंदूक जमा करा ली गई है। इस घटना की जांच की जा रही है कि किन पस्थितियों में फायर हुआ है।
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ब्राह्मण समाज ने फिल्म आर्टिकल 15 के फाड़े पोस्टर; विरोध को देखते हुए कानपुर में प्रदर्शन पर रोक

कानपुर। बदायूं रेप कांड पर आधारित फिल्म आर्टिकल 15 को लेकर विरोध जारी है। शुक्रवार को कानपुर में लोगों ने सिनेमा हॉल में लगे फिल्म के पोस्टरों को फाड़ दिया। इसके साथ ही जेड स्क्वायर मॉल में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प हुई। बवाल बढ़ता देखकर कई थानों की फोर्स को सिनेमा हॉल के बाहर तैनात कर दिया गया। हंगामे को देखते हुए जिला प्रशासन ने आर्टिकल 15 के फिलहाल सभी शो बंद करा दिए हैं। सत्य घटना पर आधारित है फिल्म साल 2014 में उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में दो चचेरी बहनों के साथ गैंगरेप के बाद उनके शव पेड़ से लटके हुए मिले थे। आर्टिकल 15 इस सत्य घटना पर आधारित फिल्म है। इस फिल्म में लड़कियों और उनके परिवार पर जुल्म करने वाले एक महंत के बेटों को दिखाया गया है, जो ब्राहम्ण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वहीं पीड़ित लड़कियों को दलित दिखाया गया है। ब्राहम्ण समाज का कहना है कि इस फिल्म के माध्यम से छवि को धूमिल किया जा रहा है और समाज को बांटने का भी काम किया जा रहा है। अगर सत्य तो सत्यता दिखाई जाए प्रदर्शनकारी सुशील शास्त्री ने कहा कि, सत्य घटना पर आधारित फिल्म को सत्य तरीके से दर्शाया जाना चाहिए था। पीड़ित लड़कियां मौर्य समाज की थी और आरोपी यादव थे। लेकिन इस फिल्म में पैसे कमाने के लिए और समाज को बांटने के इरादे से लड़कियों को दलित दिखाया गया है। इसके साथ ही लड़को को महंत के बेटे दिखाया गया है। जबकि ये झूठ है। ऐसा नहीं करना चाहिए था। हम इस फिल्म को चलने नहीं होने देंगे। सिटी मजिस्ट्रेट रवि प्रकाश ने बताया कि, लोगों के विरोध को देखते हुए फिल्म को प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है।
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